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मुंबई : बॉलीवुड अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को न्याय की एक बड़ी जीत मिली है, जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनसीबी (Narcotics Control Bureau) को आदेश दिया कि वह उनका पासपोर्ट वापस करे—जो लगभग 5 वर्षों से जब्त था। इस फैसले के बाद रिया ने राहत की भावना जाहिर करते हुए कहा है:“सत्यमेव जयते”। यह मामला 2020 से जुड़ा है, जब रिया को Sushant Singh Rajput मामले में मादक सामग्री जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और उन्हें जमानत दी गई थी। उस समय हाईकोर्ट ने उनकी जमानत मंज़ूर करते हुए एक शर्त रखी थी कि वे अपना पासपोर्ट एनसीबी को जमा कर दें। अब, हाल ही में रिया की याचिका पर कोर्ट ने यह शर्त हटाने का आदेश दिया।
कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने कहा कि रिया ने अब तक सभी जमानती शर्तों का पालन किया है और उनकी वर्तमान स्थिति ऐसी नहीं है कि उन पर विश्वास न किया जाए। कोर्ट ने उल्लेख किया कि अन्य आरोपी को इसी तरह की राहत पहले दी गई थी, इसलिए उन्हें विशेष सहुलियत देने में कोई गिरावट नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने कुछ **शर्तें** निर्धारित की हैं, जिनका पालन रिया को करना होगा:
• विदेशी यात्रा करना हो तो कम‑से‑कम 4 दिन पहले आगे की यात्रा का पूरा कार्यक्रम (उड़ान, होटल) एनसीबी/प्रॉसेक्यूशन को देना होगा।
• मोबाइल नंबर और संपर्क जानकारी देना होगा और फोन हमेशा सक्रिय रखना होगा।
• उन्हें सभी सुनवाईयों में उपस्थित रहना होगा, जब तक कोर्ट उन्हें माफी न दे।
रिया की दलीलें और पिछला संघर्ष
रिया की याचिका में यह तर्क दिया गया था कि पासपोर्ट जब्त होने के कारण उन्हें कई पेशेवर अवसर खोने पड़े — विशेष रूप से विदेशीनिर्माण, शूटिंग, ऑडिशन आदि। ([Firstpost][3])
वहीं, एनसीबी ने इस याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें विशेष सुविधा नहीं दी जानी चाहिए और वह “फ्लाइट रिस्क” बन सकती हैं। ([India Today][1])
कोर्ट ने एनसीबी की आपत्तियों का खंडन करते हुए कहा कि रिया ने पहले भी कई विदेशी यात्राएँ की थीं और हर बार वापसी की है। इसलिए उनकी विश्वसनीयता पर संदेह नहीं हो सकता। प्रतिक्रिया और प्रतीकात्मक अर्थ
इस निर्णायक फैसले पर रिया ने “सत्यमेव जयते” कहकर अपने आत्मविश्वास और न्याय की जीत का भाव व्यक्त किया है। यह वाक्यांश देश के राष्ट्रीय प्रतीक और सत्य के विजयी होने का प्रतीक रहा है। समुचित कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट की निष्पक्षता की इस जीत को समर्थकों और आलोचकों दोनों ने अपना दृष्टिकोण व्यक्त किया है। कुछ लोगों ने इसे रिया के पक्ष में न्याय व्यवस्था की सफलता माना है, तो कुछ यह कह रहे हैं कि अदालत ने नियमों का पालन करते हुए सहजता दिखाई है।
क्या अब रिया की यात्रा पूरी हो गई? नहीं—फिर भी सामने हैं चुनौतियाँ
* पासपोर्ट लौटने के बाद रिया अब विदेश यात्राएँ कर सकती हैं, लेकिन उन्हें कोर्ट की शर्तों का पालन करना होगा।
* Sushant Singh Rajput मामले की जांच अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और ट्रायल अभी लंबित है। ([India Today][1])
* रिया को यह सुनिश्चित करना है कि उनकी यात्राएँ और गतिविधियाँ जांच एजेंसियों व कोर्ट की निगरानी में हों।
रिया चक्रवर्ती के लिए यह एक बड़ी राहत और संकेत है कि न्याय प्रक्रिया में धैर्य और दृढ़ता काम आती है। पांच साल लंबे संघर्ष और कानूनी जद्दोजहद के बाद उन्हें उनका पासपोर्ट लौटना न केवल उनकी व्यक्तिगत आजादी का प्रतीक है, बल्कि यह उन सभी मामलों में एक मिसाल हो सकती है जहाँ आरोपियों को लंबे समय तक सीमित किया जाता है।
“सत्यमेव जयते” की गूंज इस फैसले के साथ यह कहती है कि सत्य की राह कठिन हो सकती है, लेकिन अंततः वह जीतती है।
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