
नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स के चर्चित रियलिटी शो 'लॉक अप' में नजर आईं माधुरी ग्रोवर शो से बाहर आने के बाद अपने एक पुराने बयान को लेकर फिर चर्चा में हैं। शार्क टैंक इंडिया के पूर्व जज अश्नीर ग्रोवर की पत्नी माधुरी ने शो के दौरान गरीबी और परिवार बढ़ाने को लेकर एक टिप्पणी की थी, जिस पर सोशल मीडिया पर काफी विवाद हुआ था। अब उन्होंने इस बयान पर अपनी सफाई दी है।
माधुरी ग्रोवर ने शो से बाहर आने के बाद कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी को बच्चे पैदा करने से रोकना या किसी वर्ग विशेष को निशाना बनाना नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी को ऐसा करने से मना नहीं किया है, बल्कि वह केवल अपनी राय रख रही थीं।
दरअसल, शो के दौरान माधुरी ने कहा था कि अगर गरीब लोग ज्यादा बच्चे पैदा करते हैं तो गरीबी बढ़ती है। उनके इस बयान के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना की थी। लोगों का कहना था कि इस तरह के बयान से गरीब वर्ग के प्रति गलत धारणा बनती है।
बाहर आने के बाद जब माधुरी से पूछा गया कि क्या वह अब भी अपने बयान पर कायम हैं, तो उन्होंने कहा कि उनकी बात का मतलब अलग था। उन्होंने बताया कि वह किसी की निजी जिंदगी या फैसलों पर सवाल नहीं उठा रही थीं। उनका उद्देश्य केवल आर्थिक स्थिति और जिम्मेदारियों से जुड़ी बात करना था।
माधुरी ने कहा कि लोगों को किसी भी बात को पूरा समझे बिना तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। उनके अनुसार, कई बार बातचीत के दौरान कही गई बातों को संदर्भ से हटाकर देखा जाता है, जिससे विवाद खड़ा हो जाता है।
'लॉक अप' में माधुरी ग्रोवर की मौजूदगी शुरुआत से ही चर्चा में रही। शो में कंटेस्टेंट के बीच होने वाली बहस, व्यक्तिगत खुलासे और विवादित बयान दर्शकों का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं। माधुरी भी अपने बेबाक अंदाज और खुलकर अपनी राय रखने की वजह से सुर्खियों में रहीं।
शो से बाहर आने के बाद उन्होंने अपनी छवि को लेकर भी बात की और कहा कि वह हमेशा अपनी बात स्पष्ट तरीके से रखने में विश्वास करती हैं। उन्होंने कहा कि किसी मुद्दे पर राय रखना गलत नहीं है, लेकिन उसे सही तरीके से समझना जरूरी है।
माधुरी ग्रोवर का यह बयान सामने आने के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग उनकी सफाई को सही मान रहे हैं, जबकि कुछ अब भी उनके पुराने बयान को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल माधुरी अपने बयान को लेकर सफाई दे चुकी हैं और उन्होंने साफ किया है कि उनका उद्देश्य किसी भी वर्ग का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि उनकी बात को उसी नजरिए से देखा जाना चाहिए, जिस संदर्भ में उन्होंने उसे कहा था।





