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Career के लिए निजी जिंदगी छोड़ी पीछे

Kanchan Paikara
4 July 2026 4:11 PM IST
Career के लिए निजी जिंदगी छोड़ी पीछे
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Mumbai मुंबई : मशहूर कोरियोग्राफर गीता कपूर ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर खुलकर बात की है। टीवी इंडस्ट्री में ‘डांस इंडिया डांस’ और ‘इंडियाज़ बेस्ट डांसर’ जैसे शोज में बतौर जज अपनी पहचान बना चुकी गीता कपूर आज भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
हाल ही में उन्होंने सिद्धार्थ कनन के साथ एक इंटरव्यू में अपनी जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की। इस बातचीत में उन्होंने अपने सिंगल रहने और शादी न हो पाने की वजह भी साझा की। गीता कपूर ने बताया कि उन्होंने हमेशा शादी और परिवार बसाने की इच्छा रखी थी, लेकिन जीवन की परिस्थितियों और करियर की जिम्मेदारियों के कारण यह संभव नहीं हो सका।
गीता कपूर ने कहा कि करियर के शुरुआती दौर में वह लगातार डांस और कोरियोग्राफी के काम में व्यस्त रहीं। टीवी शो ‘डांस इंडिया डांस’ से उन्हें घर-घर पहचान मिली और इसके बाद उनका काम लगातार बढ़ता गया। इसी दौरान निजी जीवन को समय देना मुश्किल होता चला गया।
उन्होंने यह भी बताया कि कई बार जीवन में ऐसे मौके आए जब उन्हें रिश्तों के बारे में सोचना पड़ा, लेकिन उस समय तक उनकी प्राथमिकताएं बदल चुकी थीं। लगातार काम और प्रोफेशनल कमिटमेंट के चलते निजी जीवन पीछे छूटता चला गया।
अपने इंटरव्यू में गीता कपूर ने भावुक होकर स्वीकार किया कि 52 साल की उम्र में कभी-कभी उन्हें लगता है कि जीवन में कुछ चीजें अधूरी रह गईं, खासकर शादी और परिवार का सपना। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने करियर और उपलब्धियों पर गर्व है।
गीता कपूर ने यह भी कहा कि मनोरंजन जगत में सफलता पाने के लिए कई बार व्यक्तिगत जीवन से समझौता करना पड़ता है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इंडस्ट्री में पहचान बनाना आसान नहीं होता और इसके लिए बहुत मेहनत और समय देना पड़ता है।
वर्तमान में गीता कपूर ‘इंडियाज़ बेस्ट डांसर’ में जज के रूप में नजर आ रही हैं। उनकी जजमेंट स्टाइल और डांस के प्रति गहरी समझ के कारण उन्हें दर्शकों और कंटेस्टेंट्स दोनों का काफी प्यार मिलता है।
इंटरव्यू के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी जिंदगी से संतुष्ट हैं और अपने फैसलों को लेकर कोई पछतावा नहीं रखतीं। हालांकि उन्होंने यह जरूर माना कि अगर परिस्थितियां अलग होतीं तो उनकी जिंदगी कुछ और भी हो सकती थी।
गीता कपूर की यह कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा भी है, जो करियर और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं। उनकी बातों से यह भी साफ होता है कि सफलता के पीछे अक्सर कई व्यक्तिगत त्याग छिपे होते हैं।
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