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नेता की आलोचना को राष्ट्रविरोध कहना गलत इमरान खान

Ratna Netam
17 Aug 2026 3:52 PM IST
नेता की आलोचना को राष्ट्रविरोध कहना गलत इमरान खान
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मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान ने लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और छात्र आंदोलनों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। ‘मैं हूं युवा’ नामक कार्यक्रम में शामिल हुए अभिनेता ने कहा कि किसी निर्वाचित नेता या सरकारी अधिकारी की आलोचना करना देश की आलोचना करना नहीं है। उन्होंने नेताओं को जनसेवक बताते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति खुद को देश के बराबर नहीं मान सकता।
आमिर खान के भांजे और ‘जाने तू या जाने ना’ जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाले इमरान खान ने युवाओं से कहा कि सवाल पूछना और सत्ता की आलोचना करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। अभिनेता का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब मुंबई से लेकर झारखंड तक अलग-अलग मांगों को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं।
‘वी आर युवा’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम के एक वीडियो में इमरान खान राजनेताओं की आलोचना और देश की आलोचना के बीच अंतर बताते दिखाई दे रहे हैं। अभिनेता ने कहा कि किसी राजनीतिक अधिकारी की आलोचना को राष्ट्र विरोध से जोड़ना उचित नहीं है। आवाज उठाने वाले लोग भी देश के नागरिक हैं और देश पर उनका भी उतना ही अधिकार है जितना किसी निर्वाचित नेता का।
इमरान खान ने किसी नेता का नाम लिए बिना कहा कि राजनीतिक पद पर बैठा व्यक्ति जनता द्वारा चुना गया अधिकारी और जनसेवक होता है। जनता उसे एक निश्चित जिम्मेदारी पूरी करने के लिए चुनती है। इसलिए उस व्यक्ति के कामकाज पर सवाल उठाना देश पर सवाल उठाना नहीं माना जा सकता। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
अभिनेता ने कार्यक्रम में आजादी और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आधुनिक समाज में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने पर काफी जोर दिया जाता है। इस बीच लोग सामूहिकता, आपसी सहयोग और एक-दूसरे पर निर्भरता के महत्व को भूलते जा रहे हैं। परिवार, दोस्त और समाज पर लोगों की निर्भरता उन्हें याद दिलाती है कि वे एक ही देश और समुदाय का हिस्सा हैं।
इमरान खान इससे पहले भी छात्रों के समर्थन में आवाज उठा चुके हैं। वह मुंबई में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे। उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा था कि शांतिपूर्ण सार्वजनिक संवाद में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
अभिनेता ने कहा कि छात्र अपनी मेहनत, परीक्षाओं और भविष्य से जुड़ी जायज चिंताएं जिम्मेदार अधिकारियों के सामने रख रहे हैं। व्यवस्था से निराश विद्यार्थियों की बात सुनने के बजाय यदि उनके खिलाफ बल प्रयोग किया जाता है तो इससे सरकार के रुख पर सवाल उठते हैं। उन्होंने पूछा कि अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज उठाने वाले छात्र भी क्या भारत माता के बच्चे नहीं हैं।
इमरान ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुद्दे की अनदेखी किए जाने पर व्यंग्य किया और विद्यार्थियों की मांगों पर ध्यान देने की बात कही। झारखंड में अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
अपने अभिनय करियर को लेकर भी इमरान खान इन दिनों चर्चा में हैं। वह करीब दस साल बाद बतौर मुख्य अभिनेता फिल्मों में वापसी करने वाले हैं। उनकी आगामी फिल्म का नाम ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ बताया गया है। यह परिपक्व रिश्तों पर आधारित रोमांटिक कॉमेडी है, जिसकी शूटिंग पूरी हो चुकी है और फिल्म फिलहाल पोस्ट प्रोडक्शन में है।
फिल्म में इमरान खान के साथ भूमि पेडनेकर और गुरफतेह पीरजादा महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। इसे साल 2026 के अंत में नेटफ्लिक्स पर रिलीज किए जाने की संभावना है, हालांकि अंतिम तारीख की औपचारिक घोषणा बाकी है।
इमरान खान को पिछली बार वीर दास की फिल्म ‘हैप्पी पटेल’ में विशेष भूमिका में देखा गया था। बतौर मुख्य अभिनेता उनकी पिछली फिल्म ‘कट्टी बट्टी’ वर्ष 2015 में आई थी। अब उनके सामाजिक बयानों के साथ दर्शकों की नजर उनके अभिनय में कमबैक पर भी लगी हुई है।
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