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कुणाल खेमू ने की ‘हनुमान अंश’ की तारीफ, ब्लॉकबस्टर होने का दिया क्रेडिट

nidhi
29 Sept 2026 12:37 PM IST
कुणाल खेमू ने की ‘हनुमान अंश’ की तारीफ, ब्लॉकबस्टर होने का दिया क्रेडिट
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‘हनुमान अंश’ की कामयाबी पर बोले कुणाल खेमू
मुंबई: अभिनेता कुणाल खेमू इन दिनों डिवोशनल फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लेकर खासे प्रभावित नजर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी, धार्मिक भावनाओं और दर्शकों से मिले जुड़ाव को लेकर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया साझा की। कुणाल खेमू ने फिल्म की सफलता का श्रेय सिर्फ इसके बड़े पर्दे के प्रस्तुतीकरण को नहीं, बल्कि उस आस्था और भावनात्मक जुड़ाव को दिया, जिसने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा।
कुणाल खेमू का मानना है कि धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर बनने वाली फिल्मों की सबसे बड़ी ताकत उनकी कहानी में मौजूद भावनाएं होती हैं। जब कोई फिल्म सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहती और दर्शकों की आस्था से जुड़ जाती है, तो उसका असर काफी गहरा हो जाता है। उन्होंने कहा कि ‘हनुमान अंश’ के साथ भी यही देखने को मिला, जहां दर्शकों ने फिल्म को केवल एक सिनेमाई अनुभव की तरह नहीं, बल्कि श्रद्धा और भावनाओं से जुड़ी कहानी के रूप में स्वीकार किया।
फिल्म के ब्लॉकबस्टर प्रदर्शन को लेकर कुणाल खेमू ने दर्शकों के प्यार को सबसे अहम माना। उनके अनुसार किसी भी फिल्म की असली सफलता तभी तय होती है, जब दर्शक उससे खुद को जोड़ पाएं। भव्य सेट, शानदार विजुअल्स और तकनीकी मजबूती फिल्म को आकर्षक जरूर बनाते हैं, लेकिन कहानी और भावनाओं का असर ही उसे लंबे समय तक यादगार बनाए रखता है।
‘हनुमान अंश’ में भक्ति के साथ-साथ साहस, विश्वास और समर्पण जैसे पहलुओं को भी प्रमुखता से पेश किया गया है। यही वजह है कि अलग-अलग उम्र के दर्शक इस फिल्म से जुड़ते दिखाई दिए। धार्मिक विषय पर आधारित फिल्मों का दर्शक वर्ग पहले से मौजूद रहता है, लेकिन किसी फिल्म को बड़ी सफलता तब मिलती है, जब वह पारंपरिक दर्शकों के साथ नई पीढ़ी को भी आकर्षित करे।
कुणाल खेमू ने फिल्म के निर्माण से जुड़े लोगों की मेहनत की भी सराहना की। उन्होंने संकेत दिया कि इस तरह की फिल्मों में विषय की संवेदनशीलता को समझना बेहद जरूरी होता है। धार्मिक पात्रों और मान्यताओं को पर्दे पर पेश करते समय कहानी और प्रस्तुति के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता। दर्शकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए मनोरंजक सिनेमा तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी होती है।
अभिनेता ने यह भी माना कि हाल के वर्षों में डिवोशनल और पौराणिक विषयों पर आधारित फिल्मों के प्रति दर्शकों की रुचि बढ़ी है। इसका कारण सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि भारतीय कथाओं और संस्कृति को नए सिनेमाई अंदाज में देखने की इच्छा भी है। नई तकनीक और बेहतर विजुअल इफेक्ट्स के जरिए ऐसी कहानियां अब पहले से ज्यादा प्रभावशाली तरीके से दर्शकों के सामने पहुंच रही हैं।
‘हनुमान अंश’ की सफलता को लेकर सोशल मीडिया पर भी लगातार चर्चा देखने को मिली है। दर्शक फिल्म के कई दृश्यों, संवादों और भक्ति से जुड़े हिस्सों की तारीफ कर रहे हैं। फिल्म की लोकप्रियता ने यह भी दिखाया कि कंटेंट अगर दर्शकों की भावनाओं के करीब हो तो वह बड़े बजट या स्टार पावर से अलग अपनी पहचान बना सकता है।
कुणाल खेमू की प्रतिक्रिया इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह अलग-अलग तरह के सिनेमा से जुड़े रहे हैं। कॉमेडी, ड्रामा और गंभीर किरदारों के बाद किसी डिवोशनल फिल्म को लेकर उनकी सकारात्मक प्रतिक्रिया दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ा रही है। उन्होंने फिल्म की सफलता में टीम की मेहनत, दर्शकों की आस्था और कहानी के भावनात्मक प्रभाव को महत्वपूर्ण माना।
डिवोशनल फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर सफल होना यह संकेत भी देता है कि भारतीय दर्शक अब विविध विषयों को स्वीकार कर रहे हैं। धार्मिक और पौराणिक फिल्मों के लिए भी बाजार लगातार मजबूत हो रहा है। अच्छी कहानी, प्रभावशाली अभिनय और तकनीकी प्रस्तुति के साथ ऐसी फिल्में बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंच सकती हैं।
‘हनुमान अंश’ को लेकर कुणाल खेमू की प्रतिक्रिया से साफ है कि फिल्म ने केवल आम दर्शकों ही नहीं बल्कि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों का ध्यान भी खींचा है। फिल्म की सफलता के पीछे उन्होंने दर्शकों की आस्था और उनके भावनात्मक जुड़ाव को सबसे अहम माना। यही जुड़ाव इस डिवोशनल फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता दिलाने वाले प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है।
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