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मुंबई। हॉलीवुड अभिनेता बेन एफ्लेक ने अपनी सुपरहीरो फिल्म 'जस्टिस लीग' को लेकर बड़ा खुलासा किया है। अभिनेता ने बताया कि साल 2017 में रिलीज हुई इस फिल्म की शूटिंग और विशेष रूप से दोबारा शूट किए गए दृश्यों का अनुभव उनके करियर के सबसे खराब दौर में से एक था। उन्होंने फिल्म निर्माण के दौरान स्टूडियो और निर्देशक के बीच हुए मतभेदों पर भी खुलकर बात की। एफ्लेक के मुताबिक, इस फिल्म से जुड़ी परिस्थितियां व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों स्तरों पर बेहद कठिन थीं।हाल ही में 'हैप्पी सैड कन्फ्यूज्ड' पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान बेन एफ्लेक ने बताया कि 'जस्टिस लीग' पर काम करने का अनुभव कई कारणों से नकारात्मक रहा। अभिनेता ने कहा कि उस समय उनकी निजी जिंदगी में भी मुश्किलें चल रही थीं। इसके अलावा फिल्म से जुड़ी एक दुखद घटना और निर्माण प्रक्रिया में बदलाव ने परिस्थितियों को और चुनौतीपूर्ण बना दिया था।
निर्देशक और स्टूडियो के बीच मतभेदों पर बोले अभिनेता
बेन एफ्लेक ने बातचीत में बताया कि किसी बड़े बजट की फिल्म के निर्माण के दौरान स्टूडियो और फिल्म निर्माता के बीच मतभेद पूरी परियोजना को प्रभावित कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि 'जस्टिस लीग' के दौरान उन्होंने करीब से देखा कि जब स्टूडियो और निर्देशक की सोच अलग-अलग हो जाती है, तो फिल्म निर्माण में किस तरह की परेशानियां पैदा होती हैं।अभिनेता के अनुसार, फिल्म के निर्माण से जुड़े फैसलों में असहमति ने परियोजना को काफी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने इस अनुभव को अपने करियर के सबसे कठिन पेशेवर दौर के रूप में याद किया।
जैक स्नाइडर के फिल्म छोड़ने के बाद बदली स्थिति
फिल्म 'जस्टिस लीग' का निर्देशन शुरुआत में जैक स्नाइडर कर रहे थे। हालांकि अपनी बेटी के निधन के बाद उन्हें फिल्म निर्माण से अलग होना पड़ा। इसके बाद वार्नर ब्रदर्स ने निर्देशक जॉस व्हीडन को फिल्म के शेष काम और दोबारा शूटिंग की जिम्मेदारी सौंपी।नए निर्देशक के आने के बाद फिल्म में कई बदलाव किए गए। इसके अंतर्गत कहानी के कुछ हिस्सों को दोबारा फिल्माया गया और फिल्म की प्रस्तुति में भी परिवर्तन हुए।एफ्लेक ने इन परिस्थितियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जैक स्नाइडर को परियोजना से हटाए जाने और उसके बाद हुई दोबारा शूटिंग का अनुभव उनके लिए बेहद खराब था।
निजी जिंदगी में भी कठिन समय से गुजर रहे थे बेन एफ्लेक
अभिनेता ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियां भी आसान नहीं थीं। उस समय वह अपनी निजी जिंदगी से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना कर रहे थे।इन परेशानियों के बीच बड़े बजट की सुपरहीरो फिल्म में काम करने का दबाव भी था। एफ्लेक के मुताबिक, निजी परिस्थितियों और फिल्म निर्माण से जुड़ी समस्याओं ने मिलकर इस अनुभव को और मुश्किल बना दिया।उन्होंने इससे पहले भी सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि 'जस्टिस लीग' के निर्माण का समय उनके लिए भावनात्मक और पेशेवर रूप से काफी चुनौतीपूर्ण रहा था।
फिल्म के रीशूट को बताया करियर का सबसे खराब अनुभव
बेन एफ्लेक ने विशेष रूप से फिल्म की रीशूट प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निर्देशक के बदलने के बाद जिस तरह से दृश्यों की दोबारा शूटिंग की गई, वह अनुभव उनके करियर का सबसे निचला दौर था।उन्होंने जैक स्नाइडर की बेटी के निधन से जुड़ी परिस्थितियों को बेहद दुखद बताया। साथ ही आरोप लगाया कि स्टूडियो ने इस घटना का इस्तेमाल निर्देशक को बदलने के बहाने के रूप में किया। यह एफ्लेक का व्यक्तिगत आरोप है।अभिनेता ने कहा कि वह इस बात से खुश थे कि बाद में जैक स्नाइडर को अपनी कल्पना के अनुरूप फिल्म का संस्करण रिलीज करने का अवसर मिला।
2021 में रिलीज हुआ था जैक स्नाइडर का अलग संस्करण
साल 2017 में रिलीज हुई 'जस्टिस लीग' को आलोचकों और दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी। फिल्म की कहानी और निर्माण से जुड़े फैसलों को लेकर भी चर्चा हुई।इसके बाद प्रशंसकों की मांग पर मार्च 2021 में 'जैक स्नाइडर्स जस्टिस लीग' रिलीज की गई। लगभग चार घंटे लंबा यह संस्करण निर्देशक की मूल रचनात्मक दृष्टि के अधिक करीब था।बेन एफ्लेक ने इस संस्करण के रिलीज होने पर खुशी जताई थी। उनका कहना था कि जैक स्नाइडर को आखिरकार अपनी फिल्म दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का मौका मिला।एफ्लेक के ताजा बयान के बाद 'जस्टिस लीग' के निर्माण के दौरान सामने आई चुनौतियां एक बार फिर चर्चा में हैं।
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