
Entertainment मनोरंजन : पंजाब में बढ़ते ड्रग्स के मुद्दे को लेकर हाल ही में हुई एक मुलाकात के बाद नई बहस शुरू हो गई है। मशहूर सिंगर Yo Yo Honey Singh ने मंगलवार को अमृतसर में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता Tarun Chugh से मुलाकात की थी। इस मुलाकात का उद्देश्य राज्य में ड्रग संकट और “ड्रग-फ्री पंजाब” अभियान को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करना बताया गया। हालांकि इस बैठक के बाद संगीत जगत से ही एक अलग प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसने इस मुद्दे को और चर्चा में ला दिया है।
पंजाब के जाने-माने गायक और गीतकार Jasbir Jassi ने इस मुलाकात और इसके पीछे के उद्देश्य पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी और इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर टिप्पणी की। अपने वीडियो के साथ उन्होंने एक कैप्शन भी लिखा, जिसमें उन्होंने लिखा कि क्या यह प्रयास पंजाब को बचाने के लिए है या स्थिति को और अधिक जटिल करने के लिए, साथ ही उन्होंने एक प्रतीकात्मक उदाहरण देते हुए कहा कि क्या “बिल्ली से दूध की रखवाली करवाई जा रही है”।
वीडियो संदेश में जसबीर जस्सी ने कहा कि वे सामान्यतः राजनीतिक मामलों पर टिप्पणी करने से बचते हैं, क्योंकि उनके अनुसार इन मामलों में कई परतें होती हैं और हर पहलू को समझना जरूरी होता है। लेकिन इस मामले में उन्होंने इसलिए अपनी राय व्यक्त की क्योंकि यह सीधे तौर पर पंजाब से जुड़ा हुआ मुद्दा है। उन्होंने कहा कि यह विषय उनके लिए भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है और इसलिए वे इस पर चुप नहीं रह सकते। जस्सी ने यह भी कहा कि वे अपने बयान के कारण किसी भी तरह के परिणामों की परवाह किए बिना अपनी बात रखना चाहते हैं।
उन्होंने आगे कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी के नेता Tarun Chugh द्वारा Yo Yo Honey Singh को पंजाब में एंटी-ड्रग अभियान का चेहरा बनाए जाने की संभावित भूमिका पर भी असहमति जताई। जस्सी ने कहा कि जिस व्यक्ति को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है, उनका अतीत पंजाब के ड्रग कल्चर से जुड़े विवादों में चर्चा में रहा है, इसलिए इस तरह के निर्णय पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इस तरह के फैसलों से समाज में मिश्रित संदेश जा सकते हैं और अभियान की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्तिगत हमले का नहीं है, बल्कि वे केवल इस बात पर चर्चा करना चाहते हैं कि नशा विरोधी अभियान को किस तरह अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनाया जा सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इस मुलाकात और अभियान को सकारात्मक कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं। ड्रग्स के खिलाफ पंजाब में चल रही लड़ाई पहले से ही एक संवेदनशील मुद्दा रही है, और ऐसे में इस तरह की सार्वजनिक प्रतिक्रियाएं इस बहस को और आगे बढ़ा रही हैं।
फिलहाल इस मामले में संबंधित पक्षों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह मुद्दा राज्य में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को लेकर नई चर्चा जरूर पैदा कर रहा है।





