Human rights कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा, जिन पर आधारित है फिल्म ‘सतलुज’

Entertainment मनोरंजन : इन दिनों अभिनेता Diljit Dosanjh की फिल्म Sutlej (पहले ‘पंजाब 95’ के नाम से जानी जाती थी) चर्चा में है। यह फिल्म असल में मानवाधिकार कार्यकर्ता Jaswant Singh Khalra के जीवन और संघर्ष पर आधारित है, जिन्होंने पंजाब में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को उजागर करने का काम किया था।
Jaswant Singh Khalra का जन्म 1952 में हुआ था और वह अमृतसर में एक बैंक अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। इसके साथ ही वह सामाजिक कार्यों से भी जुड़े हुए थे और मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए लगातार सक्रिय रहते थे। 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में चल रहे उथल-पुथल भरे हालात के दौरान उन्होंने कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच शुरू की।उनकी जांच में यह दावा सामने आया कि उस समय बड़ी संख्या में लोगों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लेकर कथित फर्जी मुठभेड़ों में मार दिया गया और बाद में उन्हें लापता घोषित कर दिया गया। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, हजारों मामलों में इस तरह की घटनाओं का जिक्र मिलता है, जिनमें सरकारी रिकॉर्ड और जमीनी आंकड़ों में बड़ा अंतर पाया गया था।
Jaswant Singh Khalra ने इन मामलों को उजागर करने के लिए लगातार सबूत जुटाने शुरू किए और एक विस्तृत जांच की। उन्होंने कथित तौर पर ऐसे दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स को सामने लाने की कोशिश की, जिनसे यह संकेत मिलता था कि बड़ी संख्या में लावारिस शवों का अंतिम संस्कार बिना पहचान के किया गया।बताया जाता है कि इसी संघर्ष के दौरान वे अचानक लापता हो गए थे। बाद में इस मामले ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा और इसे मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर उदाहरण के रूप में देखा गया।
फिल्म Sutlej में इसी पूरे संघर्ष, जांच और उस दौर की परिस्थितियों को दर्शाया गया है। Diljit Dosanjh इस फिल्म में जसवंत सिंह खालड़ा का किरदार निभा रहे हैं और कहानी उनके साहस, संघर्ष और सच के लिए उठाई गई आवाज को केंद्र में रखती है।कुल मिलाकर, Jaswant Singh Khalra की कहानी केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि उस दौर की सच्चाई और मानवाधिकारों की लड़ाई का प्रतीक मानी जाती है, जिसे अब फिल्म के जरिए नए दर्शकों तक पहुंचाया जा रहा है।





