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'जमीर' की Golden जुबली

Uma Verma
21 March 2025 10:57 AM IST
जमीर की Golden जुबली
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मुंबई: अमिताभ बच्चन की यादगार फिल्मों में से एक ‘जमीर’ (1975) ने अपनी गोल्डन जुबली पूरी कर ली है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फिल्म का कनेक्शन दिग्गज अभिनेता देव आनंद से भी जुड़ा हुआ है? यह फिल्म देव आनंद की 1965 में आई सुपरहिट मूवी ‘जॉनी मेरा नाम’ से प्रेरित थी।

देव आनंद से अमिताभ तक कैसे पहुंची कहानी?

‘जमीर’ की कहानी दो जुड़वा भाइयों के अलग होने और सालों बाद मिलने पर आधारित थी। इससे पहले देव आनंद की ‘जॉनी मेरा नाम’ भी इसी थीम पर बनी थी, जिसने जबरदस्त सफलता हासिल की थी। इसी फॉर्मूले को ‘जमीर’ में नए अंदाज में पेश किया गया, और इसे अमिताभ बच्चन के करियर की अहम फिल्मों में गिना जाता है।

जब अमिताभ को मिला था नया अवतार

‘जमीर’ उस दौर में आई जब अमिताभ बच्चन ‘एंग्री यंग मैन’ की छवि बना चुके थे, लेकिन इस फिल्म में उन्होंने इमोशनल और फैमिली-ड्रामा से भरपूर किरदार निभाया। फिल्म में उनके साथ सायराबानो, शम्मी कपूर और मदन पुरी जैसे दिग्गज कलाकार भी नजर आए थे।

फिल्म के दिलचस्प किस्से

  • शूटिंग के दौरान हादसा: इस फिल्म के एक्शन सीन्स के दौरान अमिताभ बच्चन एक सीन में चोटिल हो गए थे, जिसके बाद शूटिंग रोकनी पड़ी थी।
  • शम्मी कपूर का स्पेशल रोल: इस फिल्म में शम्मी कपूर ने पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा था।
  • म्यूजिक भी था हिट: एस. डी. बर्मन के संगीत ने फिल्म को और यादगार बना दिया। खासकर, ‘चल कहीं दूर निकल जाएं’ गाना आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय है।

‘जमीर’ का आज भी है असर

हालांकि फिल्म ने उस समय एवरेज कलेक्शन किया था, लेकिन आज इसे अमिताभ बच्चन के करियर की अंडररेटेड क्लासिक फिल्मों में गिना जाता है। इसके डायलॉग्स और एक्टिंग को फैंस आज भी याद करते हैं।

क्या ‘जमीर’ रीमेक हो सकती है?

फिल्म इंडस्ट्री में पुराने क्लासिक्स के रीमेक का चलन जोरों पर है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ‘जमीर’ को भी फिर से बनाया जा सकता है? फिल्म क्रिटिक्स का मानना है कि अगर सही स्टारकास्ट और स्क्रीनप्ले के साथ इसे दोबारा बनाया जाए, तो यह आज के दर्शकों को भी पसंद आ सकती है।


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