
x
ग्रैमी के लिए पेश हुए गाने
एंटरटेनमेंट : रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ अब अंतरराष्ट्रीय संगीत जगत में अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। फिल्म के संगीत को ग्रैमी अवॉर्ड्स के लिए विचारार्थ भेजा गया है। इसके साउंडट्रैक और अलग-अलग गानों को कुल नौ कैटेगरी में विचार के लिए पेश किया गया है। इस उपलब्धि के बाद फिल्म के संगीतकार शाश्वत सचदेव और गानों से जुड़े कलाकार चर्चा में हैं। हालांकि, अभी फिल्म या इसके गानों को ग्रैमी अवॉर्ड के लिए आधिकारिक नामांकन नहीं मिला है।
शाश्वत सचदेव के संगीत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की कोशिश
फिल्म के संगीत की कमान शाश्वत सचदेव ने संभाली है। फिल्म के निर्माताओं टी-सीरीज और बी62 स्टूडियोज ने इसके संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ग्रैमी की विचारार्थ प्रक्रिया में शामिल किया है। इस अभियान में फिल्म के पूरे साउंडट्रैक के साथ कई व्यक्तिगत गानों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पेश किया गया है। ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के संगीत में अलग-अलग शैली के गाने शामिल हैं। इसी विविधता के चलते इसके गानों को पॉप, रैप, ग्लोबल म्यूजिक, डांस और इलेक्ट्रॉनिक संगीत जैसी श्रेणियों में विचारार्थ भेजा गया है।
‘फिर से’ से लेकर ‘आरी आरी’ तक शामिल
ग्रैमी विचारार्थ अभियान में फिल्म के कई चर्चित गानों को जगह मिली है। ‘फिर से’ को विजुअल मीडिया के लिए लिखे गए सर्वश्रेष्ठ गीत की श्रेणी में पेश किया गया है। वहीं, ‘आरी आरी’ को सर्वश्रेष्ठ एशियन पॉप म्यूजिक परफॉर्मेंस की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा ‘जाइए सजना’ को सर्वश्रेष्ठ पॉप डुओ/ग्रुप परफॉर्मेंस, ‘डेस्टिनी-मन अटकेया’ को सर्वश्रेष्ठ रैप परफॉर्मेंस और ‘वारी जावां’ को सर्वश्रेष्ठ डांस/इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग की श्रेणी में विचारार्थ भेजा गया है।
‘जान से गुजरते हैं’ और ‘कन्हैया’ को सर्वश्रेष्ठ ग्लोबल म्यूजिक परफॉर्मेंस के लिए पेश किया गया है। वहीं, ‘हम प्यार करने वाले’ को सर्वश्रेष्ठ रीमिक्स रिकॉर्डिंग की श्रेणी में जगह मिली है। इसके साथ ही फिल्म के संपूर्ण साउंडट्रैक को विजुअल मीडिया के लिए सर्वश्रेष्ठ संकलन साउंडट्रैक की श्रेणी में विचारार्थ प्रस्तुत किया गया है।
क्या ‘धुरंधर 2’ को मिलेगा ग्रैमी अवॉर्ड?
फिल्म के संगीत को नौ श्रेणियों में विचारार्थ भेजा जाना चर्चा का विषय जरूर है, लेकिन इसे सीधे ग्रैमी नामांकन या पुरस्कार जीतने के बराबर नहीं माना जा सकता। विचारार्थ प्रस्तुत किए गए संगीत को पहले संबंधित नियमों और पात्रता मानदंडों पर खरा उतरना होता है। इसके बाद रिकॉर्डिंग अकादमी की मतदान प्रक्रिया के जरिए आधिकारिक नामांकन तय किए जाते हैं।
इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि फिल्म को ग्रैमी नामांकन मिलेगा या वह पुरस्कार जीत पाएगी। फिलहाल इसके संगीत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर विचारार्थ पेश किया गया है, जो फिल्म की संगीत टीम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारतीय फिल्म संगीत के लिए अहम कदम
भारतीय फिल्मों के गाने देश के साथ-साथ विदेशों में भी लोकप्रियता हासिल करते रहे हैं। ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के संगीत को अलग-अलग श्रेणियों में विचारार्थ भेजे जाने से भारतीय फिल्म संगीत की अंतरराष्ट्रीय पहचान को लेकर चर्चा बढ़ी है।
फिल्म के गानों में गायकों, संगीतकारों और गीतकारों का योगदान शामिल है। अब आगे की प्रक्रिया में यह देखना होगा कि इनमें से कौन-सी प्रविष्टियां पात्रता और मतदान के बाद आधिकारिक नामांकन तक पहुंचती हैं। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के संगीत को ग्रैमी अवॉर्ड्स के लिए विचारार्थ पेश किया गया है। नौ श्रेणियों में इस अभियान ने फिल्म के संगीत को अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की चर्चा में जरूर ला दिया है।
Next Story





