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मंत्री पद से लेकर काम मांगने तक स्मृति ईरानी ने बताया जिंदगी का मुश्किल दौर

Ratna Netam
5 Sept 2026 8:51 PM IST
मंत्री पद से लेकर काम मांगने तक स्मृति ईरानी ने बताया जिंदगी का मुश्किल दौर
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मुंबई। टेलीविजन की चर्चित अभिनेत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री **स्मृति ईरानी** इन दिनों अपने पुराने दिनों को याद करने को लेकर चर्चा में हैं। स्मृति ईरानी ने अपने करियर के संघर्ष भरे दौर को याद करते हुए बताया कि एक समय ऐसा भी था जब उनके पास काम नहीं था और उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि राजनीति में सक्रिय होने के बाद भी उन्होंने अपने अभिनय करियर से जुड़ाव बनाए रखा और काम के लिए खुद पहल करनी पड़ी।
स्मृति ईरानी ने बताया कि जब उन्होंने राजनीति में कदम रखा तो लोगों को लगा कि उनका मनोरंजन जगत से रिश्ता खत्म हो गया है। लेकिन कुछ समय बाद जब उन्हें काम की जरूरत महसूस हुई तो उन्होंने खुद फोन करके काम मांगा। उन्होंने अपने इस अनुभव को साझा करते हुए बताया कि संघर्ष के दौर में इंसान को अपने आत्मविश्वास और मेहनत पर भरोसा रखना चाहिए।
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से मिली पहचान
स्मृति ईरानी को टेलीविजन की दुनिया में सबसे बड़ी पहचान लोकप्रिय सीरियल **‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’** से मिली थी।
इस शो में उन्होंने तुलसी विरानी का किरदार निभाया था, जो घर-घर में लोकप्रिय हुआ। इस भूमिका ने उन्हें टेलीविजन की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया।
हालांकि इस सफलता के बाद उन्होंने राजनीति की ओर रुख किया और मनोरंजन जगत से कुछ दूरी बना ली।
राजनीति में आने के बाद बदली जिंदगी
स्मृति ईरानी ने साल 2003 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली और इसके बाद उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ।
उन्होंने 2004 में लोकसभा चुनाव भी लड़ा। इसके बाद धीरे-धीरे पार्टी में उनकी भूमिका बढ़ती गई और वह केंद्र सरकार में मंत्री पद तक पहुंचीं।
राजनीति में सक्रिय होने के कारण उनका पूरा ध्यान सार्वजनिक जीवन पर चला गया।
काम की तलाश वाला दौर
स्मृति ईरानी ने अपने संघर्ष को याद करते हुए बताया कि राजनीति में आने के बाद एक समय ऐसा आया जब उन्हें लगा कि अभिनय में वापसी करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने खुद पहल की और काम के लिए संपर्क किया।
उनका कहना था कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। अगर किसी क्षेत्र में दोबारा शुरुआत करनी हो तो उसके लिए आत्मविश्वास और मेहनत जरूरी होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि बेरोजगारी का दौर किसी भी व्यक्ति के लिए आसान नहीं होता, लेकिन उस समय धैर्य बनाए रखना जरूरी है।
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ से वापसी
स्मृति ईरानी अब एक बार फिर चर्चा में हैं क्योंकि लोकप्रिय धारावाहिक **‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’** का दूसरा सीजन शुरू हो चुका है।
इस शो ने अपने पहले सीजन में भारतीय टेलीविजन पर लंबे समय तक राज किया था।
नई कहानी और नए कलाकारों के साथ इसकी वापसी को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है।
स्मृति ईरानी का इस प्रोजेक्ट से जुड़ना भी खास माना जा रहा है क्योंकि तुलसी विरानी का किरदार उनके करियर की पहचान रहा है।
संघर्ष से मिली सीख
स्मृति ईरानी ने कहा कि जीवन में हर व्यक्ति को उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने अपने अनुभव से बताया कि सफलता मिलने के बाद भी मुश्किल समय आ सकता है, लेकिन उससे घबराना नहीं चाहिए।
उनके अनुसार मेहनत और सीखने की इच्छा इंसान को दोबारा आगे बढ़ने का मौका देती है।
उन्होंने युवाओं को भी सलाह दी कि असफलता या बेरोजगारी के दौर में उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए।
राजनीति और अभिनय का सफर
स्मृति ईरानी का सफर मनोरंजन और राजनीति दोनों क्षेत्रों में अलग पहचान बनाने वाला रहा है।
टेलीविजन की लोकप्रिय अभिनेत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री तक का उनका सफर काफी चर्चा में रहा।
उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
राजनीति में सक्रिय रहने के बावजूद उनकी पहचान आज भी टेलीविजन की दुनिया से जुड़ी हुई है।
दर्शकों से जुड़ा पुराना रिश्ता
स्मृति ईरानी का कहना है कि तुलसी का किरदार उनके लिए सिर्फ एक भूमिका नहीं बल्कि दर्शकों से जुड़ा भावनात्मक रिश्ता है।
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई और आज भी लोग उन्हें तुलसी के नाम से याद करते हैं।
यही कारण है कि इस शो की वापसी को लेकर उनके प्रशंसकों में खास उत्साह है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
स्मृति ईरानी के संघर्ष से जुड़े बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
कई लोगों ने उनके आत्मविश्वास और संघर्ष की सराहना की।
वहीं कुछ लोगों ने उनके अभिनय से राजनीति तक के सफर को याद किया।
उनकी कहानी को कई लोग मेहनत और वापसी की मिसाल के तौर पर देख रहे हैं।
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