
Entertainment मनोरंजन : अभिनेत्री ईशा देओल ने अपने लंबे करियर और मीडिया के बदलते दौर को लेकर एक खुलकर बातचीत में कई अहम बातें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि समय के साथ उन्होंने आलोचना से निपटने और सार्वजनिक प्रतिक्रिया देने के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। ईशा देओल ने स्वीकार किया कि उम्र और अनुभव ने उन्हें रिएक्ट करने से पहले सोचने की अहमियत सिखाई है।
ईशा देओल ने कहा कि उन्होंने अपने करियर के दौरान मीडिया के कई दौर देखे हैं—मैगज़ीन संस्कृति से लेकर आज के सोशल मीडिया युग तक। उनके अनुसार, पहले का दौर अलग था जब कलाकारों को लेकर मैगज़ीन में कई तरह की बातें छपती थीं, लेकिन उन्होंने कभी भी उस तरह की आलोचना पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी।
ईशा ने कहा कि उन्हें उस पुराने मैगज़ीन कल्चर से कोई परेशानी नहीं थी क्योंकि उन्होंने बचपन से अपने माता-पिता को उसी माहौल में देखा है। उन्होंने बताया कि वह उस दौर का हिस्सा भी रहीं और अब डिजिटल और इंटरनेट युग का भी अनुभव कर रही हैं। उनके अनुसार, यह बदलाव बहुत बड़ा है और उनकी पीढ़ी ने मीडिया के कई रूपों को करीब से देखा है।
अभिनेत्री ने बातचीत में यह भी कहा कि उन्होंने समय के साथ यह समझ लिया है कि हर बात पर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं होता। उनके मुताबिक, हर किसी को सफाई देने की जरूरत नहीं होती और सबसे अहम बात यह है कि व्यक्ति अपने आप से और अपने करीबियों से ईमानदार रहे। उन्होंने कहा कि अगर किसी चीज़ को स्पष्ट करना ही है, तो वह सबसे पहले अपने परिवार और अपने भीतर होना चाहिए।
ईशा देओल ने यह भी बताया कि पहले के समय में मैगज़ीन संस्कृति में कई तरह की खबरें और चर्चाएं होती थीं, लेकिन उन्होंने उस दौर को भी एंजॉय किया। उनके अनुसार, वह समय सीखने वाला था और अब का सोशल मीडिया युग भी अलग तरह की चुनौतियाँ लेकर आया है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में चीजें तेजी से फैलती हैं, इसलिए अब पहले से ज्यादा सोच-समझकर प्रतिक्रिया देना जरूरी हो गया है। ईशा के अनुसार, अनुभव ने उन्हें सिखाया है कि हर आलोचना का जवाब देना जरूरी नहीं होता और कई बार चुप रहना भी समझदारी होती है।
ईशा देओल की यह बातचीत उनके जीवन के अनुभवों और मीडिया के बदलते स्वरूप को लेकर एक गहरी समझ पेश करती है। उनके बयान से यह साफ होता है कि समय के साथ उन्होंने न केवल इंडस्ट्री को समझा है, बल्कि खुद को भी बेहतर तरीके से संभालना सीख लिया है।





