
मुंबई | ऑस्कर अकादमी को हाल ही में एक बड़ा विवाद झेलना पड़ा, जब उन्होंने एक उम्मीदवार के चयन को लेकर भारी आलोचना का सामना किया। यह मामला उस समय सामने आया, जब फिल्म उद्योग के कई महत्वपूर्ण हस्तियों और दर्शकों ने अकादमी के फैसले पर सवाल उठाए। विरोध के बाद अकादमी ने मजबूरी में माफी मांगी और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।
यह विवाद उस वक्त शुरू हुआ, जब अकादमी ने एक विशेष फिल्म या कलाकार को अवार्ड के लिए नामांकित किया था, जिसे दर्शकों ने भ्रामक और असंवेदनशील करार दिया। कई सोशल मीडिया यूजर्स और फिल्म आलोचकों ने इसके खिलाफ तीव्र प्रतिक्रिया दी। इसके अलावा, यह मुद्दा भी उठाया गया कि अकादमी ने विविधता और समावेशिता के मुद्दों को नजरअंदाज कर दिया है, जबकि इस समय दुनिया भर में इन विषयों पर जोर दिया जा रहा है।
विरोध का स्तर इस हद तक बढ़ गया कि ऑस्कर अकादमी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की आवश्यकता पड़ी। अकादमी ने अपने बयान में कहा कि वे "सभी प्रकार के भेदभाव और पक्षपाती रवैये से बचने के लिए कृतसंकल्प हैं" और भविष्य में इस तरह की गलतियों को सुधारने का वादा किया।
इस माफी के बाद, अकादमी ने यह भी घोषणा की कि वे अपने चयन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने पर काम करेंगे, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की आलोचना से बचा जा सके। फिल्म इंडस्ट्री में इसे लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ ने अकादमी की माफी को स्वीकार किया, जबकि कुछ ने इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया।





