
Entertainment मनोरंजन : सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर एल्विश यादव एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनके राजनीतिक जुड़ाव को लेकर चल रही अटकलें हैं। लंबे समय से उन पर यह आरोप लगाया जाता रहा है कि वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थक हैं। इन दावों और अफवाहों को लेकर अब एल्विश यादव ने खुद सोशल मीडिया पर सामने आकर सफाई दी है।
एल्विश यादव ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनका किसी भी राजनीतिक पार्टी के प्रति कोई निजी समर्थन या निष्ठा नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके बारे में फैलाए जा रहे राजनीतिक संबंधों की बातें पूरी तरह गलत हैं और इनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।
अपने बयान में एल्विश ने एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया, जो उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़ी थी। उन्होंने बताया कि उस समय भाजपा नेता मेनका गांधी ने उनके खिलाफ सांप के जहर से जुड़े मामले में आरोप लगाए थे। हालांकि बाद में वह मामला गलत साबित हुआ और आरोपों को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई।
एल्विश यादव ने कहा कि सोशल मीडिया पर अक्सर बिना किसी आधार के अफवाहें फैला दी जाती हैं, जिससे उनकी छवि को लेकर भ्रम पैदा होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी जानकारी को बिना जांचे-परखे सच न माना जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि एक सोशल मीडिया क्रिएटर के तौर पर उनका फोकस हमेशा अपने कंटेंट और ऑडियंस पर रहता है, न कि राजनीतिक जुड़ाव पर। एल्विश ने कहा कि उनका काम मनोरंजन और डिजिटल कंटेंट बनाना है, और वे किसी भी राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा नहीं हैं।
सोशल मीडिया पर उनके इस बयान के बाद अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स ने उनकी सफाई का समर्थन किया है, जबकि कुछ लोग अब भी उनके पुराने वीडियो और गतिविधियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया की दुनिया में पब्लिक फिगर्स को अक्सर राजनीतिक चर्चाओं से जोड़ दिया जाता है, जिससे कई बार गलतफहमियां फैल जाती हैं। ऐसे मामलों में स्पष्ट बयान देना जरूरी हो जाता है ताकि स्थिति साफ हो सके।
कुल मिलाकर, एल्विश यादव ने राजनीतिक जुड़ाव को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है और साफ किया है कि वे किसी भी पार्टी के समर्थक नहीं हैं। उनका कहना है कि वह केवल अपने डिजिटल करियर और कंटेंट क्रिएशन पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।





