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मुंबई। पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ आज खुद देश के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में गिने जाते हैं। दुनियाभर में उनके कॉन्सर्ट होते हैं और पंजाबी म्यूजिक को ग्लोबल मंच तक पहुंचाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। इसके बावजूद बॉलीवुड में एक कलाकार ऐसा है जिसके दिलजीत खुद जबरदस्त फैन हैं। यह कलाकार हैं 90 के दशक के सुपरस्टार **गोविंदा**।
दिलजीत दोसांझ ने हाल में एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान गोविंदा को लेकर दिल की बात साझा की। उन्होंने गोविंदा की एक्टिंग, कॉमेडी, डांस और स्क्रीन प्रेजेंस की जमकर तारीफ की। इसी दौरान दिलजीत ने अपनी एक अधूरी ख्वाहिश का भी जिक्र किया। वह चाहते थे कि उन्हें गोविंदा के साथ किसी फिल्म में काम करने का मौका मिले, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
गोविंदा जैसा कोई नहीं हो सकता'
दिलजीत ने गोविंदा की तारीफ करते हुए उन्हें बॉलीवुड का बेहद खास कलाकार बताया।
उनका मानना है कि गोविंदा जिस तरह एक साथ कॉमेडी, डांस, एक्टिंग और एक्सप्रेशन को पर्दे पर लेकर आते थे, वैसा कर पाना बेहद मुश्किल है।
दिलजीत ने कहा कि बॉलीवुड में गोविंदा जैसा कलाकार न पहले हुआ और न भविष्य में आसानी से देखने को मिलेगा।
उन्होंने गोविंदा को एक 'लेजेंडरी आर्टिस्ट' बताते हुए उनकी कॉमिक टाइमिंग की भी खास तौर पर तारीफ की।
दिलजीत की बातों से साफ था कि वह गोविंदा को केवल एक सफल अभिनेता के तौर पर नहीं बल्कि एक संपूर्ण एंटरटेनर के रूप में देखते हैं।
अधूरी रह गई दिलजीत की ये इच्छा
इस बातचीत का सबसे दिलचस्प हिस्सा तब आया जब दिलजीत ने अपनी अधूरी इच्छा का खुलासा किया।
दिलजीत चाहते थे कि उन्हें गोविंदा की किसी फिल्म में उनके साथ काम करने का मौका मिले।
लेकिन उनकी यह ख्वाहिश अब तक पूरी नहीं हो सकी।
दिलजीत ने कहा कि गोविंदा के साथ किसी फिल्म में काम करने की उनकी इच्छा अधूरी रह गई। साथ ही उन्होंने बेहद सहज अंदाज में कहा कि वह गोविंदा को बहुत पसंद करते हैं।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर दोनों कलाकारों के प्रशंसकों के बीच चर्चा शुरू हो गई।
कॉमिक टाइमिंग के कायल हैं दिलजीत
गोविंदा की फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत उनकी कॉमिक टाइमिंग मानी जाती रही है।
दिलजीत भी इसी कला के कायल हैं।
उनका कहना है कि गोविंदा की कॉमिक टाइमिंग के करीब पहुंचना आसान नहीं है।
गोविंदा गंभीर सीन से लेकर कॉमेडी तक में अपने चेहरे के एक्सप्रेशन और बॉडी लैंग्वेज के जरिए अलग प्रभाव पैदा करते थे।
उनकी कई फिल्मों में सामान्य संवाद भी उनके बोलने के अंदाज और एक्सप्रेशन के कारण दर्शकों को हंसाने में कामयाब रहे।
दिलजीत ने इसी खूबी को याद करते हुए उन्हें बेजोड़ कलाकार बताया।
डांस में भी अलग था गोविंदा का अंदाज
गोविंदा का जिक्र हो और उनके डांस की बात न हो, ऐसा मुश्किल है।
90 के दशक में उनके गानों और डांस स्टेप्स की जबरदस्त लोकप्रियता रही। गोविंदा का डांस तकनीकी स्टेप्स से ज्यादा उनकी ऊर्जा, चेहरे के भाव और खास अंदाज के लिए पहचाना जाता था।
यही वजह थी कि मुश्किल स्टेप न होने के बावजूद उनके कई गाने दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुए।
गोविंदा का अपना अलग डांसिंग स्टाइल था, जिसकी नकल आज भी सोशल मीडिया वीडियो और डांस कार्यक्रमों में देखने को मिलती है।
दिलजीत के मुताबिक गोविंदा की खासियत यही थी कि वह अलग-अलग कलाओं को एक साथ पर्दे पर लेकर आते थे।
डेविड धवन-गोविंदा की जोड़ी को किया याद
दिलजीत ने बातचीत के दौरान निर्देशक डेविड धवन और गोविंदा की मशहूर जोड़ी का भी जिक्र किया।
उन्होंने उस दौर की फिल्मों को याद करते हुए कहा कि डेविड धवन और गोविंदा की जोड़ी कमाल की थी।
दोनों ने मिलकर बॉलीवुड को कई लोकप्रिय कॉमेडी फिल्में दीं।
'कुली नंबर 1', 'हीरो नंबर 1', 'साजन चले ससुराल', 'बड़े मियां छोटे मियां' और 'हसीना मान जाएगी' जैसी फिल्मों ने गोविंदा की कॉमेडी स्टार वाली छवि को मजबूत किया।
इन फिल्मों में कहानी के साथ कॉमेडी, म्यूजिक और डांस का ऐसा मिश्रण देखने को मिलता था जिसने बड़े पैमाने पर दर्शकों का मनोरंजन किया।
पुराने गानों की भी जमकर तारीफ
दिलजीत ने गोविंदा की फिल्मों के गानों को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि उनके गाने शानदार हुआ करते थे और उस दौर की फिल्मों में अलग तरह की खुशी महसूस होती थी।
गोविंदा पर फिल्माए गए कई गाने आज भी पार्टियों और शादी समारोहों में सुनाई देते हैं।
उनकी फिल्मों में संगीत सिर्फ कहानी का हिस्सा नहीं बल्कि मनोरंजन का बड़ा आधार हुआ करता था।
गोविंदा की ऊर्जा और डांसिंग स्टाइल ने इन गानों को और यादगार बनाया।
दिलजीत ने इसी पूरे दौर को याद करते हुए बताया कि उन फिल्मों को देखने में एक अलग 'स्वाद' और खुशी थी।
आज की फिल्मों पर भी कही दिल की बात
गोविंदा की फिल्मों की तारीफ करते हुए दिलजीत ने आज के फिल्मी माहौल को लेकर भी दिलचस्प टिप्पणी की।
उनका मानना है कि पहले फिल्मों से मिलने वाली खुशी ज्यादा महत्वपूर्ण हुआ करती थी, जबकि आज बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और प्रतिस्पर्धा की चर्चा ज्यादा दिखाई देती है।
उन्होंने गोविंदा के दौर को याद करते हुए कहा कि उनकी फिल्में दर्शकों को खुशी देती थीं।
दिलजीत की टिप्पणी को पुराने और नए बॉलीवुड की तुलना के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि बॉक्स ऑफिस हमेशा से फिल्म उद्योग का हिस्सा रहा है, लेकिन सोशल मीडिया और डिजिटल दौर में कमाई के आंकड़े अब पहले की तुलना में ज्यादा सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन गए हैं।
90 के दशक में गोविंदा का था जलवा
गोविंदा का करियर खास तौर पर 1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक में तेजी से आगे बढ़ा।
एक्शन और रोमांस से शुरुआत करने वाले गोविंदा ने बाद में कॉमेडी में अपनी खास पहचान बनाई।
उनकी फिल्मों का अंदाज हल्का-फुल्का और मनोरंजक होता था।
उनके संवाद, रंग-बिरंगे कपड़े, डांस और चेहरे के एक्सप्रेशन उनकी पहचान बन गए।
गोविंदा की खासियत यह रही कि वह कॉमेडी करते हुए भी डांस और रोमांस को सहज तरीके से निभाते थे।
यही कारण है कि उन्हें केवल अभिनेता या डांसर कहने के बजाय अक्सर 'कम्प्लीट एंटरटेनर' कहा जाता है।
दिलजीत खुद भी एक्टिंग और म्यूजिक दोनों में सफल
गोविंदा की तारीफ करने वाले दिलजीत दोसांझ का अपना करियर भी कई क्षेत्रों में फैला हुआ है।
उन्होंने पंजाबी संगीत से शुरुआत की और धीरे-धीरे पंजाबी फिल्मों में अभिनय किया। इसके बाद बॉलीवुड में भी अपनी जगह बनाई।
'उड़ता पंजाब', 'फिल्लौरी', 'सूरमा', 'गुड न्यूव्ज', 'क्रू' और 'अमर सिंह चमकीला' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया।
संगीत की दुनिया में उनकी लोकप्रियता भारत की सीमाओं से काफी आगे निकल चुकी है।
यही वजह है कि खुद एक सफल अभिनेता-सिंगर का गोविंदा के प्रति इतना सम्मान जताना प्रशंसकों के लिए खास बन गया।
वेम्बली में दिलजीत ने हाल ही में रचा इतिहास
दिलजीत इन दिनों अपने ग्लोबल म्यूजिक करियर को लेकर भी चर्चा में हैं।
12 सितंबर 2026 को उन्होंने लंदन के प्रतिष्ठित **Wembley Stadium** में अपने Aura World Tour के तहत परफॉर्म किया और यहां हेडलाइन करने वाले पहले पंजाबी कलाकार बने।
यह उपलब्धि पंजाबी संगीत के वैश्विक विस्तार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी गई।
दिलजीत ने अपनी इस सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में नहीं देखा। उन्होंने इसे पंजाबी समुदाय के लिए गर्व का पल बताया।
दिलचस्प बात यह है कि अपने करियर के इतने बड़े मुकाम पर पहुंचने के बाद भी वह गोविंदा जैसे वरिष्ठ कलाकारों के प्रति अपनी प्रशंसा खुलकर जाहिर कर रहे हैं।
गोविंदा की नई फिल्मों पर भी नजर
दूसरी ओर गोविंदा भी बड़े पर्दे पर वापसी की तैयारी की बात कर चुके हैं।
हाल में उन्होंने अपने प्रशंसकों से समर्थन मांगते हुए 'Roopa' और 'Duniyadari' नाम की दो परियोजनाओं का जिक्र किया था।
ऐसे में गोविंदा के प्रशंसकों की नजर उनकी वापसी पर बनी हुई है।
दिलजीत का बयान भी ऐसे समय आया है जब गोविंदा एक बार फिर अपनी फिल्मों और निजी जीवन दोनों को लेकर चर्चा में हैं।
क्या कभी साथ दिखाई देंगे दिलजीत और गोविंदा?
दिलजीत ने अपनी इच्छा को अधूरी जरूर बताया है, लेकिन उनके बयान के बाद प्रशंसकों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या भविष्य में दोनों किसी प्रोजेक्ट में साथ दिखाई दे सकते हैं।
फिलहाल दोनों के साथ काम करने की किसी फिल्म की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
इसलिए सोशल मीडिया पर संभावित फिल्म या सहयोग को लेकर किए जा रहे दावों को पुष्टि के बिना तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
लेकिन अगर कभी दोनों साथ आते हैं तो दर्शकों के लिए यह दिलचस्प कॉम्बिनेशन हो सकता है।
एक तरफ गोविंदा की कॉमेडी और डांस की विरासत है तो दूसरी तरफ दिलजीत की म्यूजिक, कॉमेडी और अभिनय में मजबूत पकड़।
गोविंदा इज गोविंदा'
दिलजीत की पूरी बातचीत का सार उनकी इसी भावना में दिखाई देता है कि गोविंदा की तुलना किसी दूसरे कलाकार से करना आसान नहीं है।
उन्होंने गोविंदा की कॉमिक टाइमिंग, गानों, अभिनय और डेविड धवन के साथ उनकी फिल्मों को याद करते हुए उस दौर की जमकर तारीफ की।
सबसे खास खुलासा यह रहा कि इतने वर्षों के अपने फिल्मी करियर के बावजूद दिलजीत की **गोविंदा के साथ फिल्म करने की ख्वाहिश पूरी नहीं हो सकी।**
आज दिलजीत खुद वेम्बली जैसे वैश्विक मंच पर इतिहास बना रहे हैं, लेकिन बॉलीवुड के अपने पसंदीदा कलाकार की बात आते ही वह एक प्रशंसक की तरह नजर आए।
फिलहाल दोनों कलाकारों के साथ आने की कोई आधिकारिक खबर नहीं है, लेकिन दिलजीत के इस बयान ने जरूर प्रशंसकों को यह सोचने का मौका दे दिया है कि अगर कभी **गोविंदा और दिलजीत दोसांझ एक ही स्क्रीन पर नजर आएं**, तो कॉमेडी, म्यूजिक और डांस का यह मेल कितना दिलचस्प हो सकता है।
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