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Devoleena का ध्रुव राठी पर तंज, बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए चुप रहने पर उठाया सवाल

Harrison
21 Dec 2025 9:30 PM IST
Devoleena का ध्रुव राठी पर तंज, बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए चुप रहने पर उठाया सवाल
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Entertainment ,मनोरंजन : सोशल मीडिया पर हाल ही में एक नया विवाद उभर आया है, जिसमें अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने अभिनेता ध्रुव राठी पर तीखा तंज कसते हुए सवाल उठाया है कि वह बांग्लादेश में हो रही हिंसा और उत्पीड़न पर कब बोलेंगे। देवोलीना ने लिखा, “धुरंधर छोड़, बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए कब बोलोगे?” इस टिप्पणी ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी और फैंस के बीच भारी चर्चा शुरू कर दी।
यह मुद्दा उस समय सामने आया जब बांग्लादेश से वायरल हुए एक वीडियो में एक हिंदू व्यक्ति को भीड़ ने सड़कों पर बेरहमी से पीटते देखा गया। इस हिंसा के पीछे कार्यकर्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बढ़ा तनाव बताया जा रहा है। वीडियो में पीड़ित व्यक्ति की सुरक्षा के लिए कोई उपाय नहीं किए जाने की वजह से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी चिंता बढ़ गई है।
देवोलीना ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि केवल नामी और धुरंधर होने का मतलब यह नहीं कि आप हर सामाजिक मुद्दे पर बोलेंगे। उनके इस ट्वीट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई लोग देवोलीना के समर्थन में खड़े हुए और ध्रुव राठी से अपेक्षा जताई कि वह बांग्लादेश में हो रही हिंसा और धर्मनिरपेक्षता के उल्लंघन पर अपनी आवाज उठाएं।
वहीं, सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे केवल ड्रामा बताकर “बिलबिलाओ मत” जैसी प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह मुद्दा राजनीतिक या व्यक्तिगत फायदा उठाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, अधिकांश लोग इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए न्याय और मानवाधिकार की रक्षा की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश में धार्मिक और सामाजिक हिंसा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के हस्तियों की आवाज़ लोगों में जागरूकता पैदा कर सकती है। यही वजह है कि देवोलीना ने ध्रुव राठी को सीधे संबोधित किया और उनसे इस संवेदनशील मुद्दे पर बोलने की उम्मीद जताई।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर लगातार हमले और उत्पीड़न की घटनाएँ सामने आ रही हैं। इनमें से कई घटनाओं के वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है। प्रशासन ने फिलहाल कुछ कार्रवाई की है, लेकिन पीड़ितों की सुरक्षा और न्याय की स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है।
सोशल मीडिया विश्लेषक बताते हैं कि इस तरह के ट्वीट न केवल सार्वजनिक चर्चा को बढ़ाते हैं, बल्कि आम लोगों और हस्तियों को भी सामाजिक और धार्मिक मामलों पर संवेदनशील बनाने का काम करते हैं। इस पोस्ट के बाद कई अन्य सेलेब्स ने भी बांग्लादेश में हिंसा और उत्पीड़न पर चिंता जताई है और न्याय की मांग की है।
कुल मिलाकर, देवोलीना का यह तंज न सिर्फ़ ध्रुव राठी को सीधे संबोधित करता है, बल्कि पूरे समाज के सामने बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए सुरक्षा और न्याय की आवश्यकता को भी उजागर करता है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस तेज कर दी है और लोगों को याद दिलाया है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और मानवाधिकार उल्लंघन पर आवाज उठाना हर नागरिक का कर्तव्य है
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