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80 के दशक की मल्टीस्टारर फिल्म जो नहीं चला पाई जादू
मुंबई: बॉलीवुड के इतिहास में कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जिनमें बड़े सितारों की लंबी फौज होने के बावजूद वे दर्शकों का दिल जीतने में नाकाम रहीं। 80 के दशक की एक ऐसी ही मल्टीस्टारर फिल्म आज भी चर्चा में रहती है, जिसमें पांच बड़े अभिनेता और चार अभिनेत्रियां शामिल थीं, लेकिन इतनी बड़ी स्टारकास्ट के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो पाई।
उस दौर में मल्टीस्टारर फिल्मों का काफी क्रेज था। निर्माता-निर्देशक बड़ी स्टारकास्ट के साथ फिल्में बनाते थे और उम्मीद होती थी कि बड़े नामों की वजह से दर्शक सिनेमाघरों तक जरूर पहुंचेंगे। लेकिन इस फिल्म के साथ ऐसा नहीं हुआ और यह फिल्म उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी।
बड़े सितारों से सजी थी फिल्म
फिल्म में 80 के दशक के कई लोकप्रिय कलाकारों को एक साथ लाया गया था। इसमें पांच हीरो और चार हीरोइनें थीं। उस समय के हिसाब से यह एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा था। फिल्म की कहानी, स्टारकास्ट और निर्माण को लेकर शुरुआत में काफी चर्चा भी हुई थी।
मेकर्स ने फिल्म को भव्य अंदाज में पेश करने की कोशिश की, लेकिन रिलीज के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कमजोर कहानी और पटकथा की वजह से फिल्म ज्यादा समय तक सिनेमाघरों में टिक नहीं पाई।
स्टार पावर भी नहीं बचा पाई फिल्म
बॉलीवुड में कई बार ऐसा देखा गया है कि बड़ी स्टारकास्ट किसी फिल्म की सफलता की गारंटी नहीं होती। दर्शकों को फिल्म की कहानी, निर्देशन और मनोरंजन भी उतना ही प्रभावित करता है।
इस फिल्म में कलाकारों की मौजूदगी मजबूत थी, लेकिन कहानी में वह दम नहीं था जो दर्शकों को बांध सके। नतीजा यह हुआ कि फिल्म धीरे-धीरे बॉक्स ऑफिस पर पिछड़ती चली गई।
80 के दशक का अलग दौर
80 का दशक हिंदी सिनेमा के लिए बदलाव का दौर था। इस समय एक्शन, रोमांस और पारिवारिक फिल्मों का बोलबाला था। कई बड़े कलाकार लगातार हिट फिल्में दे रहे थे। ऐसे समय में किसी मल्टीस्टारर फिल्म का असफल होना काफी चौंकाने वाला माना जाता था।
फिल्म विशेषज्ञों के अनुसार, उस दौर में स्टार वैल्यू के साथ-साथ मजबूत पटकथा की जरूरत थी। सिर्फ बड़े नाम जोड़ देने से फिल्म की सफलता तय नहीं होती थी।
आज भी याद की जाती है फिल्म
हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन अपनी विशाल स्टारकास्ट की वजह से आज भी फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चा में रहती है। कई लोग इसे 80 के दशक की उन फिल्मों में गिनते हैं, जो बड़े सपनों के साथ बनाई गईं, लेकिन दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकीं।
बॉलीवुड में ऐसी कई फिल्में रही हैं, जिनमें बड़े कलाकार होने के बावजूद सफलता नहीं मिली। यह फिल्म भी इस बात का उदाहरण है कि सिनेमा में कहानी और प्रस्तुति का महत्व हमेशा सबसे ऊपर रहता है।
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