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खुशी कपूर की पहचान से बनाए गए अश्लील कंटेंट पर हाई कोर्ट का बड़ा आदेश
नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेत्री खुशी कपूर की पहचान का कथित तौर पर दुरुपयोग करके बनाए गए अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट तथा उनकी अनुमति के बिना बेचे जा रहे सामान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने संबंधित पक्षों को ऐसे कंटेंट और उत्पादों को हटाने के निर्देश दिए हैं।
पहचान के गलत इस्तेमाल पर कोर्ट सख्त
मामले में अभिनेत्री की पहचान, नाम और छवि का कथित तौर पर बिना अनुमति इस्तेमाल किए जाने का मुद्दा उठाया गया था। कोर्ट के आदेश का उद्देश्य उनकी व्यक्तिगत पहचान और पब्लिसिटी राइट्स की रक्षा करना है। अदालत ने कथित आपत्तिजनक सामग्री को ऑनलाइन उपलब्ध कराने और उनकी पहचान का व्यावसायिक इस्तेमाल करने पर रोक लगाने की दिशा में निर्देश जारी किए।
अश्लील कंटेंट और अनधिकृत मर्चेंडाइज पर कार्रवाई
मामले में ऐसे ऑनलाइन कंटेंट का भी मुद्दा सामने आया, जिसमें खुशी कपूर की पहचान का इस्तेमाल कथित रूप से अश्लील सामग्री तैयार करने के लिए किया गया था। इसके अलावा उनकी तस्वीरों या नाम का इस्तेमाल कर बिना अनुमति उत्पाद बेचने की शिकायत भी की गई थी। कोर्ट ने ऐसे कंटेंट और लिस्टिंग को हटाने के लिए संबंधित प्लेटफॉर्म और पक्षों को आवश्यक कदम उठाने को कहा।
AI और डिजिटल दुरुपयोग पर भी चिंता
यह मामला ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल एडिटिंग टूल्स के जरिए किसी व्यक्ति की तस्वीर या पहचान का दुरुपयोग करके नकली कंटेंट तैयार करना आसान हो गया है। सेलिब्रिटीज के मामलों में ऐसे आदेश डिजिटल पहचान, प्राइवेसी और पब्लिसिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मिसाल बन सकते हैं।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी
कोर्ट की कार्रवाई यह भी रेखांकित करती है कि किसी व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके तैयार किए गए आपत्तिजनक कंटेंट या बिना अनुमति किए गए व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ शिकायत मिलने पर डिजिटल प्लेटफॉर्म को उचित कार्रवाई करनी पड़ सकती है।
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