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नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी यानी कॉजपा के समर्थन में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए अभिनेता इमरान खान, उनकी गर्लफ्रेंड लेखा वॉशिंगटन और कजिन जैन मैरी खान को रिहा कर दिया गया है। शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के बीच पुलिस ने मुंबई में करीब 400 लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें इमरान और उनके साथ मौजूद लेखा तथा जैन भी शामिल थे। रिहाई के बाद तीनों ने सोशल मीडिया पर अपनी स्थिति बताई और सुरक्षित होने की जानकारी दी।
आमिर खान के भांजे इमरान खान मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान के बाहर जुटे प्रदर्शनकारियों के साथ मौजूद थे। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। इमरान के साथ लेखा वॉशिंगटन और जैन मैरी खान को भी पुलिस वाहन में ले जाया गया। कुछ घंटे बाद तीनों की रिहाई हुई, जिसकी जानकारी उनके सोशल मीडिया अपडेट से सामने आई।
लेखा वॉशिंगटन ने शनिवार रात इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा कर बताया कि वे सभी ठीक हैं और घर की ओर जा रहे हैं। उनके साथ इमरान और जैन भी मौजूद थे। इस वीडियो के जरिए उन्होंने हिरासत के बाद अपनी स्थिति स्पष्ट की। बाद में साझा की गई इंस्टाग्राम स्टोरी में तीनों घर पहुंचने के बाद एक-दूसरे को गले लगाते दिखाई दिए। लेखा के अपडेट में रिहाई और सुरक्षित घर पहुंचने की जानकारी के साथ रास्ते में हुई परेशानी का जिक्र भी था।
लेखा का दावा है कि पुलिस हिरासत से निकलने के बाद भी उनकी मुश्किलें समाप्त नहीं हुई थीं। उन्होंने कहा कि घर लौटने के लिए कैब लेने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें वाहन नहीं मिल पा रहा था। उनके अनुसार, मुंबई पुलिस कथित तौर पर कैब ड्राइवरों को धमका रही थी कि वे प्रदर्शनकारियों को सेवा न दें। यह आरोप लेखा ने अपने वीडियो में लगाया है। इसे पुलिस की कार्रवाई से जुड़ा प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
घर लौटने की परेशानी बताते हुए लेखा ने कहा कि रिहा होने के बाद वे परिवहन की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे थे। उनके सोशल मीडिया वीडियो में तीनों पैदल चलते भी दिखाई दिए। बाद में उन्होंने अपने फॉलोअर्स को भरोसा दिलाया कि वे सुरक्षित हैं। इस तरह उनके अपडेट में दो अलग बातें सामने आईं—पहली, पुलिस हिरासत से रिहाई; दूसरी, रिहाई के बाद घर तक पहुंचने के लिए वाहन मिलने में कथित बाधा।
जैन मैरी खान ने भी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए हिरासत के दौरान का घटनाक्रम साझा किया। उन्होंने पुलिस वाहन के भीतर से तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए थे। उनके मुताबिक, जब अधिकारियों से हिरासत में लेने का कारण पूछा गया, तो स्पष्ट जवाब नहीं मिला। जैन ने यह भी दावा किया कि उन्हें यह नहीं बताया गया था कि पुलिस वाहन में कहां ले जाया जा रहा है। ये विवरण उनके अपने सोशल मीडिया पोस्ट और कथनों पर आधारित हैं।
इमरान खान ने भी पुलिस वाहन से अपनी तस्वीर साझा की थी। अन्य प्रदर्शनकारियों के वीडियो में वह हिरासत से जुड़े अनुभव के बारे में बोलते दिखाई दिए। उनका दावा था कि उन्हें, लेखा और जैन को कुछ घंटों तक पुलिस वाहन में घुमाया गया, लेकिन हिरासत का कारण नहीं बताया गया। एक अन्य वीडियो में इमरान और जैन पुलिस अधिकारियों से सवाल करते दिखे। अधिकारियों के वहां से जाने पर इमरान ने ‘जय हिंद’ कहा।
प्रदर्शन में अपनी मौजूदगी के बारे में इमरान ने कहा था कि वह किसी संगठन के प्रतिनिधि के तौर पर नहीं, बल्कि एक नागरिक के रूप में आए हैं। उन्होंने लोगों की आवाज और आवाजाही पर पाबंदियों को लेकर सवाल उठाए थे। उनके बयान के अनुसार, वह शहर में रहने वाले व्यक्ति के तौर पर स्थिति देखने पहुंचे थे। इसलिए प्रदर्शन में उनकी उपस्थिति को किसी राजनीतिक संगठन की औपचारिक सदस्यता का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
अगस्त क्रांति मैदान में प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी अलग-अलग पक्ष सामने आए। पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मांगी गई थी। दूसरी ओर, कॉजपा कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि अनुमति के लिए ईमेल भेजा गया था, लेकिन जवाब नहीं मिला। इस असहमति के बीच प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। मुंबई की कार्रवाई अगस्त क्रांति मैदान तक सीमित नहीं थी; शहर के अन्य स्थानों से भी लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
फिलहाल इमरान खान, लेखा वॉशिंगटन और जैन मैरी खान की रिहाई की पुष्टि उनके अपडेट से हुई है। तीनों ने सुरक्षित होने की जानकारी दी है। हालांकि, कैब ड्राइवरों को कथित धमकी देने और हिरासत का स्पष्ट कारण न बताने संबंधी आरोप उनके बयानों के रूप में ही सामने आए हैं। रिहाई के बाद लेखा के वीडियो ने उनके घर लौटने के घटनाक्रम को सामने रखा, जबकि इमरान और जैन की पोस्ट ने हिरासत के दौरान उनके अनुभव का विवरण दिया।
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