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Photo में बदलाव या एंगल का खेल? अनुष्का की ड्रेस पर उठा सवाल

Ratna Netam
2 July 2026 2:29 PM IST
Photo में बदलाव या एंगल का खेल? अनुष्का की ड्रेस पर उठा सवाल
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Entertainment मनोरंजन : भारतीय अभिनेत्री Anushka Sharma की हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कुछ तस्वीरों ने इंटरनेट पर काफी चर्चा छेड़ दी है। ये तस्वीरें कथित तौर पर आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप से जुड़ी बताई जा रही हैं, जहां भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों के बीच मुकाबला लंदन के लॉर्ड्स स्टेडियम में खेला गया था। इन तस्वीरों में अनुष्का शर्मा अपने पति विराट कोहली के साथ मौजूद नजर आ रही हैं।

वायरल हो रही तस्वीरों में दावा किया जा रहा है कि अनुष्का ने एक खूबसूरत मिनी ड्रेस पहनी थी, जो अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग लंबाई की दिखाई दे रही है। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में ड्रेस छोटी दिख रही है, जबकि आईसीसी के आधिकारिक पेज पर वही ड्रेस अपेक्षाकृत लंबी नजर आ रही है। इसी अंतर को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के बीच हैरानी और चर्चा बढ़ गई है।यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि एक ही तस्वीर में ड्रेस का लुक इतना अलग कैसे दिख सकता है। कई लोग इसे फोटो एडिटिंग, एंगल या डिजिटल प्रोसेसिंग का असर बता रहे हैं, तो कुछ लोग इसे सोशल मीडिया फिल्टर और क्रॉपिंग का परिणाम मान रहे हैं। इस पूरे मामले ने इंटरनेट पर एक तरह की बहस छेड़ दी है।

इस बीच इस वायरल कन्फ्यूजन पर सफाई सामने आई है। बताया जा रहा है कि Sophie Dhawan ने इस गुत्थी को समझाने की कोशिश की है। उनके अनुसार तस्वीरों में अंतर का कारण अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर इमेज प्रोसेसिंग, क्रॉपिंग और अपलोडिंग फॉर्मेट हो सकता है, जिसके चलते ड्रेस की लंबाई में दृश्य अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली तस्वीरें अक्सर ओरिजिनल फ्रेम से अलग होकर सामने आती हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बन जाती है।यह भी सामने आया है कि कई बार आधिकारिक पेज और यूजर-शेयर किए गए पोस्ट में इमेज का आस्पेक्ट रेशियो अलग होने के कारण भी तस्वीरों का लुक बदल जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब कोई फोटो अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अपलोड होती है, तो ऑटो-एडजस्टमेंट और री-साइजिंग की वजह से भी विजुअल डिस्टॉर्शन हो सकता है।

फिलहाल इस पूरे मामले पर किसी भी तरह की आधिकारिक टिप्पणी किसी फिल्मी या स्पोर्ट्स अथॉरिटी की तरफ से नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह विषय लगातार ट्रेंड कर रहा है। कई यूजर्स इस मुद्दे को मजाकिया अंदाज में भी ले रहे हैं, जबकि कुछ इसे डिजिटल इमेजिंग का सामान्य उदाहरण बता रहे हैं।इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट को बिना पुष्टि के सही मान लेना गलत हो सकता है। तस्वीरों के साथ तकनीकी बदलाव और एडिटिंग का असर अक्सर वास्तविकता से अलग दृश्य पैदा कर सकता है।

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