
Entertainment मनोरंजन : अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की सुपरहिट फिल्म ‘शोले’ को भारतीय सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में गिना जाता है। इस फिल्म की एंडिंग को लेकर वर्षों से दर्शकों में चर्चा रही है, लेकिन अब इससे जुड़ा एक बड़ा खुलासा सामने आया है।
फिल्म के निर्देशक रमेश सिप्पी ने बताया था कि ‘शोले’ की जो एंडिंग दर्शकों ने देखी, वह फिल्म की मूल कहानी का हिस्सा नहीं थी। असल में फिल्म के लेखक जावेद अख्तर और सलीम खान ने जो एंडिंग लिखी थी, वह अलग थी।
रमेश सिप्पी के अनुसार, सेंसर बोर्ड की आपत्तियों के कारण फिल्म के क्लाइमेक्स में बदलाव करना पड़ा था। इसी वजह से उन्हें फिल्म के अंतिम हिस्से को दोबारा शूट करना पड़ा। बाद में जो एंडिंग सिनेमाघरों में दिखाई गई, वही दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुई और आज तक याद की जाती है।
‘शोले’ भारतीय सिनेमा की उन फिल्मों में से एक है, जिसने कहानी, किरदारों और डायलॉग्स के दम पर इतिहास रचा। जय-वीरू की दोस्ती, गब्बर सिंह का किरदार और फिल्म के कई दृश्य आज भी दर्शकों के बीच खास जगह रखते हैं।
हालांकि मूल एंडिंग क्या थी, इसे लेकर समय-समय पर अलग-अलग चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन निर्देशक के इस बयान से यह साफ होता है कि सेंसर बोर्ड की भूमिका के कारण फिल्म के अंत में बदलाव किया गया था।
फिल्म इंडस्ट्री में यह भी माना जाता है कि ‘शोले’ की बदली हुई एंडिंग ने कहानी को और अधिक प्रभावशाली बनाया, जिससे इसका क्लाइमेक्स ज्यादा यादगार बन गया।
रमेश सिप्पी के इस खुलासे के बाद एक बार फिर ‘शोले’ को लेकर दर्शकों में रुचि बढ़ गई है और लोग इसके निर्माण से जुड़े किस्सों को जानने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
यह फिल्म आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर मानी जाती है और इसकी लोकप्रियता समय के साथ और भी बढ़ती जा रही है।





