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यामी गौतम की 'नई नवेली' से पहले देखें बॉलीवुड की बेहतरीन हॉरर फिल्में
Rajeshwari Nishad
4 Oct 2026 1:04 PM IST

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intertainment : यामी गौतम इन दिनों अपनी फिल्म 'नई नवेली' को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म को सुपरनेचुरल जॉनर की कहानी बताया जा रहा है, जिसमें यामी मेरठ की रहने वाली एक बहू के किरदार में नजर आएंगी। उनके किरदार के पास विशेष शक्तियां होंगी और यही बात फिल्म की कहानी को आम पारिवारिक ड्रामा से अलग बनाती है। हॉरर, रहस्य और सुपरनेचुरल कहानियों का बॉलीवुड में हमेशा से एक खास दर्शक वर्ग रहा है। कई फिल्मों ने डर के साथ-साथ कहानी, अभिनय और सस्पेंस के दम पर दर्शकों के बीच मजबूत छाप छोड़ी है।
'नई नवेली' की चर्चा के बीच आइए बॉलीवुड की उन चुनिंदा हॉरर फिल्मों को याद करते हैं, जिन्होंने डरावनी कहानियों को एक अलग अंदाज में पेश किया।
भूत
राम गोपाल वर्मा की 'भूत' बॉलीवुड की चर्चित हॉरर फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म में उर्मिला मातोंडकर और अजय देवगन मुख्य भूमिका में थे। कहानी एक ऐसे दंपती के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक ऐसे अपार्टमेंट में रहने पहुंचते हैं, जिसके अतीत में डरावनी घटनाएं जुड़ी होती हैं। फिल्म की खासियत इसका माहौल और लगातार बना रहने वाला तनाव था। इसमें डर पैदा करने के लिए सिर्फ भूतिया चेहरों पर निर्भर नहीं रहा गया, बल्कि साउंड और सस्पेंस का भी प्रभावी इस्तेमाल हुआ।
राज
'राज' को बॉलीवुड की लोकप्रिय हॉरर फिल्मों में खास जगह मिली। फिल्म में बिपाशा बसु और डिनो मोरिया नजर आए थे। कहानी एक ऐसे रिश्ते और रहस्यमय घटनाओं पर आधारित है, जिनके पीछे छिपे राज धीरे-धीरे सामने आते हैं। फिल्म में डर के साथ भावनात्मक कहानी भी जुड़ी हुई थी। इसकी सफलता ने बॉलीवुड में हॉरर फिल्मों को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी को और मजबूत किया।
1920
अगर हॉरर फिल्मों में पीरियड सेटिंग और रोमांस का मिश्रण पसंद है, तो '1920' यादगार फिल्म रही है। विक्रम भट्ट के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रजनीश दुग्गल और अदा शर्मा मुख्य भूमिकाओं में दिखाई दिए। कहानी एक ऐसे पुराने घर के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां एक रहस्यमय शक्ति का साया रहता है। फिल्म में पुराने दौर की हवेली, अंधेरा, रहस्य और सुपरनैचुरल घटनाएं डर का माहौल बनाती हैं।
रात
राम गोपाल वर्मा की 'रात' को बॉलीवुड की प्रभावशाली हॉरर फिल्मों में माना जाता है। फिल्म में रेवती मुख्य भूमिका में थीं। कहानी एक परिवार और उसके आसपास घटने वाली रहस्यमय घटनाओं पर आधारित है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उसका वातावरण और मनोवैज्ञानिक डर था। कई बार पर्दे पर कुछ स्पष्ट दिखाने के बजाय सिर्फ आवाज और संकेतों से डर पैदा किया गया, जो इसे बाकी फिल्मों से अलग बनाता है।
एक थी डायन
'एक थी डायन' हॉरर फिल्मों की पारंपरिक कहानियों से कुछ अलग नजर आई। इसमें इमरान हाशमी, हुमा कुरैशी, कोंकणा सेन शर्मा और कल्कि कोचलिन जैसे कलाकारों ने अभिनय किया। कहानी में जादू, रहस्य और बचपन के डर को जोड़ा गया। फिल्म की कहानी आगे बढ़ने के साथ दर्शकों को कई सवालों के जवाब खोजने पड़ते हैं। इसका सस्पेंस और ट्विस्ट इसे दिलचस्प बनाते हैं।
स्त्री
हॉरर और कॉमेडी का सफल मिश्रण पेश करने वाली 'स्त्री' ने दर्शकों को डराने के साथ खूब हंसाया भी। राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर की इस फिल्म में एक रहस्यमय स्त्री की कहानी दिखाई गई है, जिसके डर से पूरा कस्बा परेशान रहता है। फिल्म ने अंधविश्वास, लोककथाओं और सामाजिक संदेश को मनोरंजन के साथ जोड़ा। यही वजह रही कि इसका हॉरर सामान्य डरावनी फिल्मों से अलग महसूस हुआ।
परी
'परी' में अनुष्का शर्मा ने एक अलग तरह के सुपरनैचुरल किरदार को निभाया। फिल्म में रहस्य, डर और अंधेरे माहौल को प्रमुखता दी गई। इसकी कहानी धीरे-धीरे खुलती है और दर्शकों को कई स्तरों पर चौंकाती है। फिल्म का वातावरण और हॉरर ट्रीटमेंट इसे मुख्यधारा की कई दूसरी फिल्मों से अलग बनाता है।
भूत पार्ट वन: द हॉन्टेड शिप
समुद्र, सुनसान जहाज और रहस्यमय घटनाएं अपने आप में डर पैदा करने के लिए काफी हैं। 'भूत पार्ट वन: द हॉन्टेड शिप' ने इसी कॉन्सेप्ट का इस्तेमाल किया। विक्की कौशल स्टारर यह फिल्म एक ऐसे जहाज की कहानी लेकर आई, जो समुद्र के किनारे रहस्यमय तरीके से पहुंच जाता है। इसके बाद कहानी में भूतिया घटनाओं और रहस्यों का सिलसिला शुरू होता है।
तुंबाड
हॉरर फिल्मों की सूची में 'तुंबाड' का नाम अलग तरीके से लिया जाता है। फिल्म ने लोककथा, लालच, रहस्य और डर को एक साथ जोड़कर अपनी अलग दुनिया बनाई। सोहम शाह की मुख्य भूमिका वाली यह फिल्म सिर्फ डराने की कोशिश नहीं करती, बल्कि अपनी कहानी और दृश्य शैली से दर्शकों पर असर छोड़ती है। इसकी कहानी में लालच के खतरनाक परिणामों को भी बेहद प्रभावशाली अंदाज में दिखाया गया।
बुलबुल
'बुलबुल' पारंपरिक हॉरर कहानी से आगे जाकर स्त्री, हिंसा और सामाजिक सोच जैसे मुद्दों को भी छूती है। फिल्म में रहस्य और सुपरनैचुरल तत्वों के साथ एक मजबूत भावनात्मक कहानी देखने को मिलती है। इसकी विजुअल शैली भी इसे खास बनाती है।
बॉलीवुड की हॉरर फिल्मों ने समय के साथ काफी बदलाव देखा है। पहले जहां ज्यादातर कहानियां भूत और हवेली तक सीमित रहती थीं, वहीं अब सुपरनैचुरल शक्तियों के साथ सामाजिक मुद्दे, मनोवैज्ञानिक डर, लोककथाएं और कॉमेडी भी जोड़ी जा रही हैं। ऐसे में यामी गौतम की 'नई नवेली' को लेकर भी दर्शकों के बीच उत्सुकता स्वाभाविक है। खासतौर पर तब, जब फिल्म में एक ऐसी बहू की कहानी दिखाई जाएगी, जिसके पास असाधारण शक्तियां हैं। अब देखना होगा कि यह फिल्म डर, रहस्य और पारिवारिक कहानी के मेल से दर्शकों पर कितना असर छोड़ती है।
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