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असम में जन्मे लेखक और कलाकारों की फिल्म मैक्सिको में International Festival में दिखाई गई

Anurag
25 April 2026 3:39 PM IST
असम में जन्मे लेखक और कलाकारों की फिल्म मैक्सिको में International Festival में दिखाई गई
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Entertainment मनोरंजन: असम के सिलचर के अभिनेता और लेखक राजदीप चौधुरी की फिल्म A Teacher's Gift को मेक्सिको के प्रतिष्ठित 41वें Guadalajara International Film Festival में दिखाया गया और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। फिल्म को 24 अप्रैल को स्क्रीन किया गया और इसे फेस्टिवल की प्रतिष्ठित 'Premio Magi' प्रतियोगिता में चयनित किया गया है।

राजदीप चौधुरी ने न केवल इस फिल्म में अभिनय किया है, बल्कि इसके कहानी का भी लेखक हैं। फिल्म के निर्देशक पुर्तगाली निर्देशक आर्टुर रिबेइरो हैं और इसका निर्माण ब्रिटेन में जन्मे एरिक ओलरेंशॉ ने किया है। फिल्म का केंद्रबिंदु मानव संबंध और भावनाओं पर है, जिसमें प्रमुख भारतीय कलाकार अंजलि पाटिल (My Golden Mother), ध्रुव sehgal और वरुण बुद्धदेव ने महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं।

राजदीप चौधुरी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित कहानी अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित होने के कारण गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि मेक्सिको जैसे विविध संस्कृतियों वाले देश में उनकी कहानी को पहचान मिलना भारतीय सिनेमा की प्रतिष्ठा के लिए महत्वपूर्ण है।

इस फिल्म ने पहले ही ब्रिटिश इंडिपेंडेंट फिल्म अवार्ड्स (BIFA 2026) के लिए चयन प्राप्त कर लिया है और यह साबित कर रही है कि भारतीय सिनेमा अब केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी छाप छोड़ रहा है।

राजदीप चौधुरी ने इससे पहले हिंदी फिल्मों जैसे Jack & Dil और Mr. Mummy में अभिनय किया है और इस अनुभव ने उन्हें अपनी कहानी को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करने में मदद की। उन्होंने कहा कि फिल्म में दिखाए गए रिश्ते और भावनाएँ सार्वभौमिक हैं, जो किसी भी संस्कृति के दर्शकों को जोड़ सकती हैं।

फेस्टिवल में फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान दर्शकों और आलोचकों ने इसके भावपूर्ण संवाद, मजबूत कहानी और कलाकारों के अभिनय की प्रशंसा की। फिल्म के निर्माता और निर्देशक ने कहा कि A Teacher's Gift को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह भारतीय फिल्मों की बहुभाषीय और बहुसांस्कृतिक अपील को दर्शाता है।

राजदीप की यह फिल्म न केवल भारतीय सिनेमा के वैश्विक प्रभाव को बढ़ा रही है, बल्कि युवा लेखकों और अभिनेताओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है। उनका मानना है कि सही कहानी और अभिनय की क्षमता से सीमाओं को पार किया जा सकता है और भारतीय कहानियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा सकता है।

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