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पहला गुरु माना: सुधा चंद्रन ने बताया सिंगीथम श्रीनिवास राव का मार्गदर्शन

Tara Tandi
4 Oct 2026 4:22 PM IST
पहला गुरु माना: सुधा चंद्रन ने बताया सिंगीथम श्रीनिवास राव का मार्गदर्शन
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मुंबई: एक्ट्रेस और क्लासिकल डांसर सुधा चंद्रन ने अनुभवी फिल्ममेकर सिंगीथम श्रीनिवास राव को फिल्मों में अपना "पहला गुरु" बताया। उन्होंने सुधा के शुरुआती एक्टिंग करियर को आकार देने में सिंगीथम की अहम भूमिका को याद किया। सुधा ने सिंगीथम के निर्देशन में बनी तेलुगु फिल्म 'मयूरी' से डेब्यू किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर फिल्ममेकर को भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, "फिल्मों में मेरे पहले गुरु... जब भी मुझे अपनी एक्टिंग और तकनीकी बारीकियों के लिए तारीफ मिलती है, तो इसका श्रेय आपको जाता है, सर।"
करियर की शुरुआत में फिल्ममेकर से मिले मार्गदर्शन को याद करते हुए, 'कहीं किसी रोज़' की एक्ट्रेस ने कहा कि वह "गीली मिट्टी" की तरह थीं, जिसे उन्होंने खूबसूरती से आकार दिया। उन्होंने कहा, "मैं गीली मिट्टी की तरह थी जिसे आपने बहुत खूबसूरती से आकार दिया।" एक्ट्रेस ने सिंगीथम को एक दूरदर्शी और नेक इंसान बताया। उन्होंने उनके हमेशा मुस्कुराते रहने वाले स्वभाव और अपनी ज़िंदगी में उनकी खास जगह को याद किया।
सुधा ने कहा, "एक दूरदर्शी, नेक इंसान और हमेशा मुस्कुराते रहने वाले... मेरे गुरु... सिंगीथम सर के बारे में यह लिखते हुए मेरा दिल दुख रहा है।"
उन्होंने अपनी पहली फिल्म 'मयूरी' के डायरेक्टर के तौर पर भी उन्हें प्यार से याद किया, जो उनके एक्टिंग करियर का एक अहम पड़ाव साबित हुई।
सिंगीथम श्रीनिवास राव का 95 साल की उम्र में निधन हो गया। अपनी अनोखी कहानी कहने की शैली और अलग-अलग जॉनर में एक्सपेरिमेंट करने की इच्छा के लिए मशहूर इस फिल्ममेकर ने तेलुगु, तमिल, हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में कई बेहतरीन फिल्में डायरेक्ट कीं। उन्होंने 'राजा पारवई', 'अपूर्व सहोदररगल', 'माइकल मदन काम राजन', 'कधला कधला' और 'लिटिल जॉन' जैसी कई यादगार फिल्में डायरेक्ट कीं।
उनके निधन पर कई एक्टर्स और फिल्ममेकर्स ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है और उनके अनोखे क्रिएटिव विज़न और भारतीय सिनेमा में उनके बड़े योगदान को याद किया है। विजय देवरकोंडा, कमल हासन, एस. एस. राजामौली, विष्णु मांचू, रवि तेजा, नानी और जूनियर एनटीआर समेत कई मशहूर हस्तियों ने सिंगीथम श्रीनिवास राव को श्रद्धांजलि दी और भारतीय सिनेमा में उनके अहम योगदान और फ़िल्म बनाने के उनके अनोखे अंदाज़ को याद किया।
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