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‘रामायण’ और ‘आदिपुरुष’ पर आर्य बब्बर का बयान
एंटरटेनमेंट डेस्क : नितेश तिवारी की आगामी फिल्म ‘रामायण’ में यश के रावण लुक पर अभिनेता आर्य बब्बर ने अपनी राय रखी है। राज बब्बर के बेटे आर्य को सामने आई झलक में यश का गेटअप उनकी ‘केजीएफ’ फिल्मों से मिलता-जुलता लगा। उनका कहना है कि कॉस्ट्यूम के अलावा उन्हें इस लुक में खास नयापन दिखाई नहीं दिया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी यश के अभिनय पर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। इसी बातचीत में आर्य ने ‘आदिपुरुष’ में रावण बने सैफ अली खान के अभिनय की प्रशंसा भी की।
आर्य के अनुसार, यश की दाढ़ी और उनका बाहरी रूप काफी हद तक वैसा लगता है, जैसा दर्शक ‘केजीएफ’ में देख चुके हैं। उन्होंने यश की दूसरी फिल्म ‘टॉक्सिक’ का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें उन्हें अभिनेता का अलग लुक दिखा था। ‘रामायण’ की अब तक सामने आई झलक को लेकर उनकी प्रतिक्रिया अलग है। फिर भी वह उम्मीद रखते हैं कि पूरी फिल्म में यश का नया पक्ष देखने को मिलेगा। उन्होंने लुक की आलोचना को अभिनेता की पूरी परफॉर्मेंस पर फैसला मानने से परहेज किया।
सैफ को लेकर आर्य का मानना है कि उन्होंने रावण के किरदार में अलग तरह की तीव्रता पेश की थी। उन्होंने अभिनेता के लुक और प्रस्तुति में निर्देशक की सोच की भूमिका पर जोर दिया। आर्य के मुताबिक, किसी फिल्म के रचनात्मक चुनावों का पूरा दोष अभिनेता पर नहीं डाला जाना चाहिए। उन्होंने सांस्कृतिक और पौराणिक पात्र निभाने वाले कलाकारों की जिम्मेदारी का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, ऐसे पात्र लोगों की भावनाओं और परंपराओं से जुड़े होते हैं, इसलिए उन्हें उसी समझ के साथ प्रस्तुत करना जरूरी है।
आर्य स्वयं रंगमंचीय प्रस्तुति ‘महाबली’ में रावण का किरदार निभा रहे हैं। इससे पहले उन्होंने टेलीविजन और रामलीला में भी यह भूमिका निभाई है। उनका कहना है कि पहले के अवसरों पर किरदार मुख्य रूप से एक नकारात्मक पात्र के तौर पर प्रस्तुत हुआ था। ‘महाबली’ में निर्देशक कुलविंदर बख्शीश सिंह और लेखक आशुतोष द्विवेदी की व्याख्या के जरिए उन्हें रावण की जटिलता, भावनाओं और भक्ति के पहलू दिखाने का अवसर मिल रहा है। यह उनके अपने मंचीय किरदार को लेकर विचार है।
यश की कास्टिंग को लेकर निर्माता नमित मल्होत्रा पहले अलग दृष्टिकोण रख चुके हैं। अगस्त में सामने आई बातचीत में उन्होंने बताया था कि ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ देखने के बाद उन्हें लगा कि यश में रावण की भूमिका के लिए जरूरी स्क्रीन प्रेजेंस और ऊर्जा है। मल्होत्रा के अनुसार, लॉस एंजिलिस में मुलाकात के दौरान उन्होंने अभिनेता को ‘रामायण’ की तैयार की जा रही दुनिया दिखाई थी। फिल्म की महत्वाकांक्षा से उत्साहित होकर यश परियोजना से जुड़े और निर्माता के तौर पर भी साथ आए।
निर्देशक नितेश तिवारी ने भी रणबीर कपूर को राम और यश को रावण के रूप में चुनने पर संतोष जताया था। निर्माता के मुताबिक, पटकथा तय होने के बाद टीम राम की भूमिका में रणबीर को ही देख रही थी। इस तरह आर्य की लुक संबंधी प्रतिक्रिया और फिल्म निर्माताओं की कास्टिंग को लेकर सोच, दो अलग व्यक्तिगत दृष्टिकोण हैं।
यश ने जुलाई में अपनी तैयारी के बारे में बताया था कि शूटिंग से पहले वह शिव भक्ति के गीत सुनते थे। उन्होंने कहा था कि संगीत उन्हें किरदार की मनःस्थिति में आने में मदद करता था। रावण का भारी मुकुट और विस्तृत पोशाक पहनना शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण था। उसी समय रणबीर ने भी सह-कलाकार की मौजूदगी और व्यक्तित्व की तारीफ की थी। फिल्म में रणबीर राम और साई पल्लवी सीता की भूमिका निभा रही हैं।
‘आदिपुरुष’ और ‘रामायण’ की तुलना पर लेखक मनोज मुंतशिर भी पहले प्रतिक्रिया दे चुके हैं। अगस्त में उन्होंने स्वीकार किया था कि ‘आदिपुरुष’ अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी और दोनों फिल्मों को आपस में तुलना करके देखने से बचने की बात कही थी। उन्होंने यश को अच्छा अभिनेता बताते हुए नई फिल्म के लिए शुभकामनाएं दी थीं। ‘रामायण’ में रवि दुबे लक्ष्मण और सनी देओल हनुमान की भूमिका में हैं। संगीत से ए.आर. रहमान और हांस जिमर जुड़े हैं।
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