
New Delhi नई दिल्ली : हिंदी सिनेमा में कई ऐसे गाने हैं, जो अपनी धुन, आवाज और बोलों की वजह से दशकों बाद भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। इन्हीं यादगार गीतों में से एक है फिल्म अमर प्रेम का मशहूर गाना चिंगारी कोई भड़के। इस गीत को अपनी आवाज से अमर बनाने वाले थे महान गायक किशोर कुमार, जबकि इसका संगीत आर. डी. बर्मन ने तैयार किया था और इसके बोल प्रसिद्ध गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे थे।
फिल्म में यह गाना अभिनेता राजेश खन्ना और अभिनेत्री शर्मिला टैगोर पर फिल्माया गया था। अपनी भावनात्मक गहराई और दिल को छू लेने वाले शब्दों की वजह से यह गीत आज भी संगीत प्रेमियों के बीच खास जगह रखता है।
इस गाने के बनने से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प किस्सा भी सामने आया है। संगीतकार आर. डी. बर्मन यानी पंचम दा ने इस गीत की धुन तैयार करने के लिए काफी मेहनत की थी। बताया जाता है कि उन्होंने रातभर काम करने के बाद इसकी धुन तैयार की और फिर गीत लिखने की जिम्मेदारी आनंद बख्शी को दी गई।
कहा जाता है कि उस समय बारिश का मौसम था। आनंद बख्शी रात में कहीं जा रहे थे और रास्ते में उन्होंने सिगरेट जलाने की कोशिश की। लेकिन बारिश की वजह से उनका लाइटर बार-बार बुझ जा रहा था। इसी छोटे से पल ने उनके मन में एक ऐसी कल्पना को जन्म दिया, जो आगे चलकर हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार गीतों में शामिल हो गई।
बार-बार बुझती हुई आग की चिंगारी और बारिश के इस अनुभव से उन्हें गीत की शुरुआती पंक्ति मिली — “चिंगारी कोई भड़के, सावन उसे बुझाए...”। इसके बाद उन्होंने इसी भाव के आधार पर पूरा गीत तैयार किया।
इस किस्से को फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने कई बार साझा किया है। गायक और संगीतकार विशाल ददलानी ने भी एक कार्यक्रम के दौरान इस घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि बड़े कलाकार आम जिंदगी की छोटी-छोटी घटनाओं को भी अपनी रचनात्मकता से खास बना देते हैं।
विशाल ददलानी के अनुसार, एक आम व्यक्ति शायद बारिश में लाइटर बुझने की घटना को भूल जाता, लेकिन आनंद बख्शी जैसे रचनाकार ने उसी साधारण पल को शब्दों में ढालकर ऐसा गीत बना दिया, जो हमेशा के लिए लोगों की यादों का हिस्सा बन गया।
‘चिंगारी कोई भड़के’ सिर्फ एक गाना नहीं बल्कि भावनाओं, दर्द और जीवन के अनुभवों का खूबसूरत मेल है। किशोर कुमार की आवाज, आर. डी. बर्मन की धुन और आनंद बख्शी के शब्दों ने मिलकर इसे हिंदी सिनेमा के अमर गीतों की सूची में शामिल कर दिया। आज भी यह गीत सुनने वालों को उसी दौर की भावनाओं और संगीत की गहराई से जोड़ देता है।





