
New Delhi नई दिल्ली : इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को दर्शकों से खूब सराहना मिल रही है। भारत-पाकिस्तान बंटवारे की पृष्ठभूमि पर आधारित यह प्रेम कहानी लोगों के दिलों को छू रही है। फिल्म की IMDb रेटिंग 8.3 बताई जा रही है। इसी सफलता के बाद दर्शकों की दिलचस्पी उन फिल्मों की ओर बढ़ी है जो विभाजन की त्रासदी और उसके सामाजिक असर को दिखाती हैं।
इसी कड़ी में हम आपको बंटवारे पर आधारित 7 बेहतरीन फिल्मों के बारे में बता रहे हैं, जिनमें से कुछ की रेटिंग IMDb पर 9 के करीब तक पहुंचती है।पहली फिल्म 1973 में रिलीज हुई थी, जो बंटवारे के बाद भारत में रुकने का फैसला करने वाले एक मुस्लिम परिवार की कहानी दिखाती है। इस फिल्म में उस दौर के सामाजिक तनाव और मानसिक संघर्ष को बेहद प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया है। मात्र 10 लाख रुपये में बनी इस फिल्म ने 30 लाख रुपये से अधिक की कमाई की थी और IMDb पर इसे 8 की रेटिंग मिली।
इसके बाद आती है मशहूर टेलीफिल्म ‘तमस’, जिसे बंटवारे पर बनी सबसे दमदार प्रस्तुतियों में गिना जाता है। भीष्म साहनी के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित इस फिल्म का निर्देशन गोविंद निहलानी ने किया था। ओम पुरी, अमरीश पुरी और दीपा साही जैसे कलाकारों ने इसमें शानदार अभिनय किया। इस फिल्म की IMDb रेटिंग 8.9 है और इसे एक क्लासिक माना जाता है।
तीसरी महत्वपूर्ण फिल्म ‘1947: Earth’ है, जिसका निर्देशन दीपा मेहता ने किया था। यह फिल्म ‘आइस-कैंडी-मैन’ नामक उपन्यास पर आधारित है। इसमें आमिर खान, नंदिता दास और राहुल खन्ना जैसे कलाकारों ने अभिनय किया है। यह कहानी दिखाती है कि कैसे बंटवारे के दौरान पुराने दोस्त और समुदाय धार्मिक हिंसा की आग में एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हो जाते हैं। इस फिल्म की IMDb रेटिंग 7.6 है।
इन फिल्मों के अलावा भी कई ऐसी फिल्में हैं जिन्होंने विभाजन की त्रासदी को अलग-अलग नजरिए से दिखाया है—कहीं प्रेम कहानी के रूप में, तो कहीं सामाजिक संघर्ष के रूप में। इन फिल्मों ने दर्शकों को न सिर्फ भावनात्मक रूप से झकझोरा है, बल्कि इतिहास के उस कठिन दौर की झलक भी दिखाई है।
फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ की सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी कहानियां आज भी दर्शकों के दिलों को गहराई से छूती हैं। इस तरह की फिल्में न सिर्फ मनोरंजन करती हैं, बल्कि इतिहास की सच्चाइयों और मानवीय भावनाओं को भी सामने लाती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि विभाजन पर आधारित फिल्मों की लोकप्रियता इसलिए भी बनी रहती है क्योंकि इनमें प्रेम, दर्द, संघर्ष और मानवता की गहरी कहानियां छिपी होती हैं। यही वजह है कि इन फिल्मों को समय के साथ और ज्यादा सराहना मिलती है।





