सम्पादकीय

फेस मास्क पर WHO की बदलतीं सिफारिशों ने लोगों को परेशान कर दिया

Rani Sahu
26 Jan 2022 3:40 PM GMT
फेस मास्क पर WHO की बदलतीं सिफारिशों ने लोगों को परेशान कर दिया
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ओमिक्रॉन (Omicron) से निपटने के तौर-तरीकों पर अपने अपर्याप्त और बदलती सिफारिशों की वजह से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को इन दिनों आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है

उन्नति गोसाईं ओमिक्रॉन (Omicron) से निपटने के तौर-तरीकों पर अपने अपर्याप्त और बदलती सिफारिशों की वजह से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को इन दिनों आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है. यह दूसरा ऐसा लेख जहां हम इंटरव्यू और डाटा-एनालिसिस वगैरह के जरिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की आलोचनाओं का विश्लेषण कर रहे हैं. कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए अलग-अलग सिफारिशें देने की वजह से संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की इस हेल्थ एजेंसी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है, खास तौर पर फेसमास्क के बारे में.

इस महामारी की शुरुआत में जब सर्जिकल मास्क की कमी थी, तब WHO ने कहा कि सर्जिकल मास्क का इस्तेमाल स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स को ही करने दिया जाए. विशेषज्ञों का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देश कभी भी एक दिशा में नहीं रहे. AIIMS में श्वांस रोग विभाग की हेड डॉ. लीना घोष ने TV9 से कहा, "महामारी की शुरुआत में एजेंसी द्वारा जारी यह सबसे अजीब निर्देश था. फेसमास्क को हेल्थकेयर वर्कर और मरीजों के लिए आवश्यक बताने के बजाए, WHO बार-बार यह सलाह देता रहा कि आम लोगों द्वारा फेसमास्क लगाने से उन्हें फायदे से अधिक नुकसान होगा. उनका तर्क था कि मास्क से लोगों में सुरक्षा की छद्म भावना पैदा होगी और इसकी वजह से लोग अपने चेहरे पर बार-बार हाथ लगाएंगे. एजेंसी की यह बातें डॉक्टरों को अजीब लगीं. यह बात समझ में आती है कि लोगों को सभी तरह के कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की जरूरत थी, इनमें सामाजिक दूरी बनाए रखना भी शामिल है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि मास्क पहनने के फायदों को कमतर देखा जाए."
वह आगे कहती हैं कि सबसे खराब बात तो यह है कि हेल्थ एजेंसी कभी भी एक स्टैंड पर कायम नहीं रही. घोष के मुताबिक, "पूरे 2020 और 2021 की पहली छमाही में पब्लिक हेल्थ एडवायजरी में लगातार बदलाव होता रहा. मास्क पहनने के बारे में WHO के दिशानिर्देश कंफ्यूजन पैदा करते रहे. वैश्विक महामारी के दौर में लोग स्पष्ट और एकसमान दिशानिर्देश पर भरोसा करते हैं. मास्क के इस्तेमाल पर WHO की सलाह इस जरूरत को पूरा करने वाली नहीं थी." यहां उन मौकों के उदाहरण दिए जा रहे हैं जहां फेसमास्क पर WHO ने विरोधाभासी बयान दिए.
29 जनवरी, 2020: मास्क पहनना अनावश्यक खर्च, WHO एडवायजरी
जनवरी में प्रकाशित एडवायजरी में WHO ने कहा था कि मेडिकल मास्क के इस्तेमाल से अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है, साथ ही इससे सरकारी खरीद का बोझ भी बढ़ेगा और लोगों में सुरक्षा की छद्म भावना पैदा होगी, जिससे लोग हाथ धोने जैसी हाइजेनिक उपायों की अनदेखी कर सकते हैं. संगठन ने कहा था कि जिस व्यक्ति को सांस लेने संबंधी तकलीफ नहीं है उसके लिए मास्क पहनना जरूरी नहीं है. WHO ने मास्क की सलाह सिर्फ सांस संबंधी समस्या वाले लोगों, कोविड के संदिग्ध मरीजों, उनकी देखभाल करने वाले लोगों और हेल्थकेयर वर्करों को दी.
7 अप्रैल, 2020: मास्क दूसरों की सुरक्षा के लिए है, खुद के लिए नहीं, WHO का दावा
WHO ने फिर आगे कहा कि फेसमास्क का उपयोग तभी तक ठीक है जब तक सुरक्षा के दूसरे उपायों का पालन करना संभव नहीं है, जैसे कि सामाजिक दूरी बनाए रखना. WHO के साइंटिफिक एंड टेक्निकल एडवायजरी ग्रुप (संक्रामक बीमारी) के अध्यक्ष प्रो. डेविड हेयमन ने कहा था कि हेल्थकेयर क्षेत्र में काम करने वालों के अलावा मास्क केवल दूसरों की सुरक्षा के लिए है, खुद की सुरक्षा के लिए नहीं. यह दिशानिर्देश US Centers for Disease Control and Prevention की सलाह से बिलकुल उलट था, जहां अमेरिकी संस्था ने सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को मास्क पहनने या फिर कपड़े से चेहरे को ढकने की बात कही थी.
8 जून, 2020: मास्क से सुरक्षा की छद्म भावना पैदा हो सकती है- DG WHO
3 जून को WHO के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में Health Emergencies Programme के एपिडिमियोलॉजिस्ट और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर माइकल रयान ने कहा कि WHO का अभी भी यह मानना है कि "मास्क उन्हीं लोगों को लगाना चाहिए जिन्हें संक्रमण है, इससे उनके द्वारा दूसरों को संक्रमित करने की संभावना कर रहेगी." WHO के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा, "मास्क से लोगों में सुरक्षा की छद्म भावना पैदा हो सकती है, जिससे वे हैंड हाइजिन और सामाजिक दूरी जैसे सुरक्षा के दूसरे उपायों को नजरअंदाज करने लगेंगे. मैं इससे ज्यादा स्पष्ट रूप से नहीं कह सकता कि केवल मास्क आपको कोविड-19 से नहीं बचाएंगे."
21 अगस्त, 2020: मास्क लगाने पर रिस्क-बेस्ड एप्रोच, 5 वर्ष के बच्चों को इसकी जरूरत नहीं- WHO
साल के अंत तक WHO का मानना था कि "मास्क पर्याप्त सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकते या शुरुआती संक्रमण नहीं रोक सकते." हालांकि, बाद में इसने अपने दिशानिर्देशों को संशोधित किया और कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को घर के बाहर नॉन-सर्जिकल मास्क लगाना चाहिए.
"स्वस्थ व्यक्ति की सुरक्षा के लिए या फिर संक्रमण को आगे फैलने से रोकने के लिए, अलग-अलग प्रकार के मास्क का उपयोग किया जा सकता है. आम लोगों द्वारा मास्क के इस्तेमाल पर सलाह देते वक्त नीति-निर्माताओं को रिस्क-बेस्ड अप्रोच अपनाना चाहिए." फिर, एक संशोधित एडवायजरी में WHO ने बच्चों के लिए मास्क की जरूरत पर अपना रुख सामने रखा, "सोर्स कंट्रोल के लिए पांच साल तक के बच्चों को मास्क पहनने आवश्यकता नहीं है."
साथ ही संगठन ने तीन-स्तरों वाले घरेलू मास्क लगाने की सलाह दी. "घर में तैयार मास्क तीन लेयर (इसके कपड़े के आधार पर) वाले होने की सलाह दी गई. प्रत्येक लेयर अलग-अलग काम करे: 1) अंदरूनी लेयर हाइड्रोफिलिक मटेरियल का होना चाहिए. 2) बाहरी लेयर हाइड्रोफोबिक मटेरियल का होना चाहिए 3) बीच का लेयर भी हाइड्रोफोबिक हो, जो फिल्ट्रेशन प्रदान करे या ड्रॉपलेट्ल को रोके."
25 जून, 2021: WHO ने डेल्टा के फैलाव को देखते हुए वैक्सीनेटेड लोगों को भी मास्क पहनने को कहा
पूरी दुनिया में डेल्टा वेरिएंट, जो कि बहुत अधिक संक्रामक था, के फैलाव को देखते हुए WHO ने वैक्सीन के दोनों डोज लगवा चुके लोगों को भी मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और कोविड के दूसरे सुरक्षा उपायों के पालन की सलाह दी. WHO के असिस्टेंट डायरेक्टर-जनरल डॉ. मारियाएंजेला सिमाओ ने तब कहा, "लोगों को हमेशा मास्क पहनने की जरूरत है, चाहे वे हवादार जगह पर हों या फिर किसी अन्य स्थान पर."
दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल में सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. विनी कांत्रू ने TV9 से कहा कि हेल्थ एजेंसी द्वारा अपनी एडवायजरी को बदलते रहना संभव है, क्योंकि वायरस म्यूटेट हो रहा था. वह कहती हैं, "इस बीमारी के पीछे बहुत राजनीति हो रही है, क्योंकि कोरोनावायरस का ओरिजिन अभी भी स्पष्ट नहीं है.
हां, यह जरूर है कि इस वायरस के फैलाव को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने संबंधी उपायों के बारे में WHO ने देरी की. फेसमास्क पहनने के बारे में अधिक स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जा सकते थे. लेकिन एक हेल्थ एजेंसी के तौर पर, कोई भी कदम उठाने से पहले उसकी पूरी तरह जांच करना उनका कर्तव्य है. हो सकता है कि इसी वजह से WHO ने बार-बार अपना रुख बदला हो."
जनवरी 2022: मास्क पर WHO की नई एडवायजरी
इस महीने WHO ने तीन लेयरों वाले होममेड मास्क पर अपनी एडवायजरी को अपडेट किया है. जिसकी पहले सिफारिश की गई थी, उसे अब अंतिम विकल्प के रूप में हटा दिया गया है.
WHO ने आम लोगों के लिए तीन प्रकार के मास्क की सिफारिश की थी:
दोबारा उपयोग किए जाने योग्य नॉन-मेडिकल मास्क, जो ASTM F3502 स्टैंडर्ड या CEN Working Agreement 17553 पर आधारित हों या WHO के जरूरी मानदंडों पर आधारित नॉन-मेडिकल मास्क हों.
डिस्पोजेबल मेडिकल मास्क, जो EN 14683 Type I, ASTM F2100 Level 1, YY/T 0969, YY 0469 (या समकक्ष) स्टैंडर्ड पर आधारित हों. इन मास्क की सिफारिश उन लोगों के लिए भी की गई जिनकी उम्र 60 साल से अधिक है, या फिर जिन्हें पहले से किसी दूसरी बीमारी है.
अच्छे से फिट होने वाले दूसरे तरह के नॉन-मेडिकल मास्क, इनमें कई स्तरों वाले होममेड मास्क का भी उपयोग किया जा सकता है, बशर्ते दूसरे विकल्प उपलब्ध न हों.
क्या आने वाले वक्त में इसमें फिर कोई बदलाव आएगा? डॉ. कांत्रू के मुताबिक, ये बात उतनी जटिल नहीं है. उन्होंने कहा, "इतना कहना पर्याप्त होगा कि यदि हमें SARS CoV-2 के साथ जीवन जीना है तो हमारे लिए कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करना सबसे बड़ा नियम होना चाहिए, इसका मतलब है कि एक सही मास्क पहनना सबसे जरूरी है."


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