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- चीन पर जुबानी जंग

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | चीन के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष बिल्कुल बंटे हैं। लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष के बीच मतभेदों की एक लकीर होती है, लेकिन ऐसी जुबानी जंग नहीं होनी चाहिए, जो देश की अखंडता, सेना, सुरक्षा और सीमाओं को ही सवालिया बना दे। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद राहुल गांधी देश की सेना, सरकार, सुरक्षा, संसद आदि सभी से खफा हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने बयान दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी बाहर से शेर की तरह बर्ताव करते हैं, लेकिन उनका चलना चूहे की तरह है।' ऐसे आपत्तिजनक बयानों का मतलब लोकतंत्र नहीं है। आप देश के प्रधानमंत्री के लिए ऐसी विद्रूप उपमाओं का कब तक प्रयोग करते रहोगे और उससे हासिल क्या होगा? कांग्रेस के ही सांसद मनीष तिवारी ने चीन की सीमा, वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सेना की तैनाती को ही गलत करार दिया है। वाह! आश्चर्य है कि अब सेना की कमान नहीं, कांग्रेस पार्टी, सरहदों पर सैन्य तैनाती का पाठ पढ़ाएगी! राहुल गांधी ने कहा था कि एलएसी पर हमारे सैनिकों को 'पीटा' जा रहा है।





