सम्पादकीय

यूक्रेन : जनता का नायक 'पेत्रोविच', वोलोदिमीर जेलेंस्की के सियासी सफर ने बदल दी पूरी धारणा

Neha Dani
10 March 2022 1:48 AM GMT
यूक्रेन : जनता का नायक पेत्रोविच, वोलोदिमीर जेलेंस्की के सियासी सफर ने बदल दी पूरी धारणा
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इस युवा नायक ने रूस के साथ इतने लंबे और जुझारू जंग का एक इतिहास तो लिख ही दिया है।

यह उस पेत्रोविच की कहानी है, जिसने अपने देश की राजनीति में भीतर तक फैले भ्रष्टाचार और सियासी सौदेबाजी को खत्म करने के इरादे से यूक्रेन की सियासत में भूचाल ला दिया। यूक्रेनी और रूसी भाषा की इस बेहद चर्चित टीवी सीरीज सर्वेंट ऑफ द पीपुल का यह नायक अप्रत्याशित तौर पर अपनी लोकप्रियता की बदौलत यूक्रेन का राष्ट्रपति बन गया।

यूक्रेनी संसद में तमाम आरोप-प्रत्यारोपों और भ्रष्टाचार के दलदल में फंसे नेताओं के बीच उसके भीतर का गुस्सा इस कदर उबलता है कि वह संसद के सभी सदस्यों को गोलियों से भून देने की कल्पना तक कर लेता है। आज उस चर्चित नायक का वही रूप दुनिया देख रही है। अपने यूक्रेन के लिए जान तक देने का दावा करने वाले महज 44 साल के वोलोदिमीर जेलेंस्की के जज्बे ने रूस जैसी महाशक्ति को हिलाकर रख दिया है।
रूस बेशक उसे अमेरिका और पश्चिमी देशों के हाथों की कठपुतली करार दे, लेकिन महज तीन साल के अपने राजनीतिक करियर में ब्लादिमीर पुतिन जैसे शक्तिशाली नेता को भी 'पागल' कर देने वाले इस शख्स ने पूरी दुनिया को बता दिया है कि वह अपने देश की स्वतंत्रता के लिए आखिरी सांस तक लड़ सकता है।
पुतिन समेत दुनिया के तमाम नेता जेलेंस्की को जिस तरह सिर्फ एक कॉमेडियन करार देते हुए एक 'एक्सीडेंटल प्रेसिडेंट' मानते रहे, यूक्रेन पर हमले के बाद उनकी पूरी धारणा बदल गई है। यूक्रेन बेशक नाटो का सदस्य नहीं बन सका हो या सीधे तौर पर अमेरिका या नाटो के सदस्य देश रूस से खुली जंग में न आए हों, लेकिन जेलेंस्की के जज्बे ने उनके देश के आम लोगों में अपने देश के लिए मर मिटने का जुनून जरूर पैदा कर दिया है।
जेलेंस्की कभी रूस के दुश्मन नहीं रहे। वह खुद रूसी भाषा बहुत अच्छी बोलते हैं। यूक्रेन की तत्कालीन सरकार ने जब 2015 में रूसी कलाकारों के यूक्रेन में आने पर पाबंदी लगाई, तब भी जेलेंस्की ने इसका कड़ा विरोध किया। इसका खामियाजा उन्हें अपने ही देश में भुगतना पड़ा और यूक्रेन की सरकार ने 2018 में उनकी रोमांटिक कॉमेडी फिल्म लव इन द बिग सिटी–2 पर प्रतिबंध लगा दिया।
17 साल की उम्र से लगातार अभिनय और टीवी प्रोडक्शन में सक्रिय रहने वाले जेलेंस्की की मां इंजीनियर और पिता प्रोफेसर रहे हैं और खुद भी उन्होंने कानून की पढ़ाई की है। लेकिन करियर उन्होंने टीवी और फिल्म को ही चुना। 2015 में उनका सबसे चर्चित टीवी सीरियल सर्वेंट ऑफ द पीपुल आया और 2019 तक उसके तीन सीजन आ गए।
इसमें एक इतिहास के प्रोफेसर के एक वायरल वीडियो से चर्चित होने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति तक का किरदार निभाने वाले जेलेंस्की ने अपने देश में इतनी लोकप्रियता हासिल की कि 2018 में उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी इसी नाम से बना ली – सर्वेन्ट ऑफ द पीपुल। 2019 में यूक्रेन में चुनाव हुए और जेलेंस्की ने अप्रत्याशित रूप से 73 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल कर अपने सीरियल के किरदार को हकीकत में बदल दिया।
उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको को बुरी तरह हरा दिया। पोरोशेंको से पहले यूक्रेन की सत्ता विक्टर यानुकोविच के हाथ में थी, जो रूस के समर्थक रहे और पुतिन के इशारे पर चलते रहे। लेकिन उनके खिलाफ विद्रोह तेज हुआ और उन्हें 2014 में हटाकर देश से निष्कासित कर दिया गया। फिलहाल वह मास्को में रहते हैं। पुतिन दोबारा उन्हीं को यूक्रेन की कमान सौंपने के लिए यह युद्ध लड़ रहे हैं।
उनके धारावाहिकों में खुलकर पुतिन के खिलाफ भी संदेश थे और तत्कालीन यूक्रेनी सत्ता के खिलाफ भी। जाहिर है, जेलेंस्की की विद्रोही और ईमानदार छवि ने ही उन्हें यूक्रेनी लोगों का प्रिय बना दिया। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा भी था कि वह चाहते हैं कि पेशेवर और सभ्य लोग सत्ता में आएं और उनकी कोशिश है कि लोगों में राजनीति को लेकर खराब और भ्रष्ट छवि को खत्म किया जाए।
जेलेंस्की कब तक लड़ पाएंगे और किस सीमा तक पश्चिमी देश या अमेरिका उन्हें बचा पाएगा, कहना मुश्किल है, लेकिन यह तय है कि इस युवा नायक ने रूस के साथ इतने लंबे और जुझारू जंग का एक इतिहास तो लिख ही दिया है।

सोर्स: अमर उजाला


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