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- चौरी चौरा जनाक्रोश के...

प्रो. हिमांशु चतुर्वेदी ।
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन और स्वाधीनता के लिए भारतीयों का भगीरथ प्रयास अंतर्निहित इतिहास ही माने जा सकते हैं। इस संपूर्ण घटनाक्रम का चित्रफलक इतना व्यापक है कि वैश्विक इतिहास लेखन में भारतीय स्वाधीनता की गाथा सर्वाधिक लोकप्रिय है, परंतु विभिन्न प्रकार के इतिहास लेखनों की प्रवृत्तियों ने स्वाधीनता की गाथा की जो पटकथा प्रस्तुत की, उसके फलस्वरूप देश की स्वाधीनता में जिन्होंने सर्वस्व न्यौछावर कर दिया, उन्हें और उनकी भागीदारी को न्याय नहीं मिला। निश्चित ही इतिहास और इतिहासकार न्याय व न्यायाधीश की भूमिका में नहीं हो सकता, परंतु न्यायप्रिय होना उसका मौलिक धर्म है। चौरी चौरा को शायद इसी पथ की आवश्यकता है। यदि इस घटना के विभिन्न पक्षों को देखा जाए तो यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यह एक ऐसी स्थानीय घटना थी जिसने राष्ट्रीय आंदोलन के इतिहास पर व्यापक प्रभाव डाले।





