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- ये रुख अजीब है

ये खबर अपने यहां चर्चित नहीं हुई, लेकिन बेहद अहम है कि अमेरिका में हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के इंडिया कॉकस से वॉशिंगटन स्थित भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने बातचीत की। कॉकस के सदस्यों ने भारत में शांतिपूर्ण प्रतिरोध के कथित दमन का मामला उनके सामने उठाया और इसे अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर सार्वजनिक किया। संधू ने उनसे क्या कहा, यह उन्होंने नहीं बताया। ये बात इसलिए महत्त्वपूर्ण है कि पिछले साल जब नागरिकता संशोधन कानून विरोधी आंदोलन के सिलसिले में ऐसे ही आरोप लगे थे, तब अमेरिका गए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कॉकस की सदस्य प्रमिला जयपाल से मिलने से इनकार कर दिया था। मुद्दा यह है कि अब भारत ने उनकी राय क्यों सुनी? क्या इसलिए कि अमेरिका में इस बीच सत्ता बदल चुकी है? बहरहाल, यह अजीब है कि सरकारी स्तरों पर जताए जा रहे विरोध से भारत सरकार चिंतित नहीं दिखती। जबकि सेलेब्रेटिज के ट्विट्स ने उसे परेशान कर रखा है। ये परेशानी कितनी है, इसका अंदाजा राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई बहस के प्रधानमंत्री के जवाब में मिला।





