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- कोरोना वायरस की तीसरी...

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए नए वर्ष के पहले माह जनवरी में वैक्सीन आने की खबर से सभी को बहुत राहत मिली थी। उम्मीद थी कि इसके बाद धीरे-धीरे स्थितियां सामान्य होती जाएंगी। पूरा देश नव वर्ष 2020 के स्वागत की तैयारियां कर रहा था लेकिन ऐसा लगता है कि प्रकृति अभी भी नाराज है। ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए रूप का पता चलने से वातावरण में ही हताशा छा गई है। भारत समेत कई देशों ने ब्रिटेन से आने वाली उड़ानें रोक दी हैं।
जो उड़ानें कल तक आई भी हैं उनके यात्रियों की हवाई अड्डों पर ही जांच की जा रही है। महाराष्ट्र में रात का कर्फ्यू लगा दिया गया है। वर्ष 2019 के अंतिम दिनों में कोरोना वायरस की जानकारी मिली थी तब किसी ने इसको गम्भीरता से नहीं लिया था। 30 जनवरी, 2020 को केरल में पहला मामला सामने आया था। चीन के बुहान से लौटे छात्र की तबीयत बिगड़ने के बाद पता चला था कि वह कोरोना पॉजिटिव है।
उसके बाद के सारे घटनाक्रम के हम सब प्रत्यक्षदर्शी हैं। कोरोना से मरने वालों के शव ले जाने वाली एम्बुलैंसों के सायरन खौफ पैदा करने लगे थे। 24 मार्च को लॉकडाउन के बाद सब कुछ ठहर गया था। व्यस्ततम रहने वाली सड़कें सुनसान हो गई थीं। महानगरों में एक अजीब सी खामोशी छा गई थी। शॉपिंग काम्प्लैक्स और हमेशा जगमगाने वाले बाजार भूतहा नजर आने लगे थे। अपनों के अंतिम संस्कार में भी लोग जा नहीं सके। पिता के अंतिम संस्कार के दौरान बेटा दूर खड़ा दिखाई देता था।





