Top
सम्पादकीय

किसान आंदोलन का निशाना: रिलायंस कंपनी के खिलाफ बढ़ते जन आक्रोश

Gulabi
23 Feb 2021 7:39 AM GMT
किसान आंदोलन का निशाना: रिलायंस कंपनी के खिलाफ बढ़ते जन आक्रोश
x
गिरावट विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में देखी गई है।

किसान आंदोलन ने कृषि कानूनों के प्रति अपने विरोध को कई रूपों में दिखाया है। इसमें एक रूप कुछ वैसा है, जैसा आजादी की लड़ाई के दिनों में विदेशी कपड़ों की होली जलाने का था। इस मुहिम का मकसद ब्रिटेन के आर्थिक साम्राज्य को चुनौती देना था। ये खबर पहले से आ रही थी कि किसान रिलायंस ग्रुप से जुड़े जियो मोबाइल कनेक्शन से अपने नंबर पोर्ट करवा रहे हैँ। अब ये बात आंकड़ों से साबित हुई है कि जियो को नुकसान हुआ है। जियो के सब्सक्राइबर्स में काफी गिरावट आई है। ये गिरावट विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में देखी गई है। जाहिर है इसे रिलायंस कंपनी के खिलाफ बढ़ते जन आक्रोश के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के दिसंबर 2020 के आंकड़ों से जियो के उपभोक्ता घटने की पुष्टि हुई है। गौरतलब है कि दिसंबर में जियो एकमात्र ऐसी बड़ी कंपनी रही, जिसके यूजर्स कम हुए हैं।


दिसंबर अंत तक पंजाब में जियो के 1.25 करोड़ ही सब्सक्राइबर बचे थे, जो कि इससे पिछले 18 महीनों में सबसे कम था। यह केवल दूसरी बार है, जब जियो के कॉमर्शियल लॉन्च के बाद से राज्य में इसके सब्सक्राइबर्स में गिरावट आई है। हरियाणा में जियो के वायरलेस सब्सक्राइबर दिसंबर 2020 में घटकर 89.07 लाख रह गए, जबकि नवंबर 2020 में ये संख्या 94.48 लाख थी। सितंबर 2016 में लॉन्च के बाद ये पहला मौका है जब हरियाणा में जियो के सब्सक्राइबर में कमी आई है। दिसंबर महीने में ही रिलायंस जियो ने आरोप लगाया था कि उसके प्रतिद्वंद्वी भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (वीआईएल) उसके खिलाफ 'विद्वेषपूर्ण और नकारात्मक' अभियान चला रहे हैं। देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी जियो ने इस बारे में ट्राई को पत्र लिखकर इन दोनों कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। जियो ने कहा था कि प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के इस रवैये से जियो के कर्मचारियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। लेकिन इन सबसे किसान आंदोलन समर्थक उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं पड़ा। इससे ये संकेत मिला है कि अगर आंदोलन और फैला तो लोग इस और कई दूसरे रूपों में अपने विरोध जता सकते हैँ। आजाद भारत में शायद यह पहला मौका होगा, जब इस रूप में किसी आंदोलन का असर दिखा हो। दरअसल, इस रूप मे किसान आंदोलन एक मिसाल कायम कर रहा है।


Next Story
© All Rights Reserved @Janta Se Rishta
Share it