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Sri Lanka Crisis: सत्ताधीशों की मनमानी का फल भोग रहा है श्रीलंका, निहत्थी जनता ने निर्वाचित सरकार को उखाड़ फेंका
![Sri Lanka Crisis: सत्ताधीशों की मनमानी का फल भोग रहा है श्रीलंका, निहत्थी जनता ने निर्वाचित सरकार को उखाड़ फेंका Sri Lanka Crisis: सत्ताधीशों की मनमानी का फल भोग रहा है श्रीलंका, निहत्थी जनता ने निर्वाचित सरकार को उखाड़ फेंका](https://jantaserishta.com/h-upload/2022/07/14/1784888-sri-lanka-crisis1657431402.avif)
दुनिया के लोकतांत्रिक इतिहास में दर्ज हो गया कि पहली बार निहत्थी जनता ने सड़कों पर आकर, विधिवत एक निर्वाचित सरकार को उखाड़ फेंका, राष्ट्रपति भवन पर कब्जा किया और प्रधानमंत्री आवास को फूंक डाला। श्रीलंका की जनता ने पिछले मई में देश के सर्वशक्तिमान राजपक्षे परिवार के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को जान बचाकर भागने और नौसैनिक अड्डे पर शरण लेने को मजबूर कर दिया था। महिंदा की हैसियत अपने भाई, लगभग निवर्तमान हो चुके राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे से ज्यादा थी, क्योंकि उन्होंने ही राष्ट्रपति के नाते मई, 2009 में तमिल इलाकों को तहस-नहस करवाने के बाद लगभग ढाई दशक से चल रहे गृहयुद्ध को खत्म करवाया था। राजपक्षे परिवार ने तमिलों के पराभव को सिंहल बहुसंख्यकवाद के वर्चस्व की स्थापना के रूप में प्रस्तुत किया था। राजपक्षे परिवार की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि देश के शीर्ष चार पदों पर परिवार के लोग ही थे; इसके अलावा नौकरशाही, सेना और अन्य पदों पर भी इसी खानदान के लोग काबिज थे।
सोर्स: अमर उजाला