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- नए बजट के लिए कुछ...

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को बजट 2022 पेश करेंगी। वह अपना चौथा बजट पेश करने जा रही हंै। इस समय देश के सामने कई तरह की आर्थिक चुनौतियां हैं। एक लंबे समय से कोरोना का असर हमारी आर्थिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। ऐसे में इकोनॉमी को फिर से तेज ग्रोथ की पटरी पर लाना बहुत चुनौतीपूर्ण है। वित्तमंत्री को बजट में ग्रोथ और अर्थव्यवस्था की मजबूती के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करनी होगी। गुड्स की जगह सर्विस सेक्टर में डिमांड बढ़ाने, रोजगार के मौके पैदा करने और इन्वेस्टमेंट बढ़ाने पर उनका जोर होना चाहिए। देश में कोरोना टीकाकरण की तेज रफ्तार और बूस्टर डोज की शुरुआत से सर्विस सेक्टर में गतिविधियां जल्द कोरोना से पहले के स्तर पर आ जाने की उम्मीद की जा रही है। चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों के आंकड़ों खासकर रेवेन्यू और टैक्स कलेक्शन को देखें तो उनमें बड़ा सुधार दिख रहा है। लक्ष्य से ज्यादा रेवेन्यू कलेक्शन और नॉमिनल जीडीपी के अच्छे आंकड़ों से खर्च में बढ़ोतरी का ज्यादा बोझ राजकोषीय स्थिति पर नहीं पड़ेगा। इससे चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.8 फीसदी रह सकता है। साल 2020 में बजट पेश होने के बाद कोरोना की महामारी ने देश में पांव पसारा था। महामारी से निपटने की सरकार की कोशिशों के चलते कई बजट प्रस्तावों पर फोकस कम हो गया था। फिर 2021 में पेश बजट में वित्तमंत्री ने इकोनॉमिक ग्रोथ तेज करने के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ाने पर जोर दिया था। इस बार भी हालात बहुत ज्यादा अलग नहीं हैं।





