सम्पादकीय

समाज सुधारक की भूमिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जीवन का कण-कण देश को समर्पित

Tara Tandi
17 Sep 2021 3:51 AM GMT
समाज सुधारक की भूमिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जीवन का कण-कण देश को समर्पित
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आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्‍मदिन है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क| तिलकराज| आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्‍मदिन है। पहले गुजरात के मुख्यमंत्री और अब देश के प्रधानमंत्री के रूप में भारतीय शासन इतिहास में लगभग 20 वर्षों तक सबसे लंबे समय तक कार्य करने वाले निर्वाचित प्रमुख के रूप में नरेंद्र मोदी एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्होंने आम जनता से न केवल राजनीतिक रिश्ता, अपितु एक भावनात्मक संबंध भी स्थापित किया है। इसलिए जब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सर्वे में मोदी जी दुनिया के सबसे लोकप्रिय जननेता चुने जाते हैं तो भारतीयों को इस पर तनिक आश्चर्य नहीं होता, क्योंकि वह हर हिंदुस्तानी के दिल में रचे-बसे हैं। मोदी जी केवल हमारे प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दे उठाने और जनसहयोग से उनका समाधान निकालने वाले समाज सुधारक भी हैं। खुले में शौच से मुक्ति, स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, जल संरक्षण और नमामि गंगे अभियान की सफलता इसके प्रमाण हैं। वह बच्चों के पथ-प्रदर्शक हैं तो उन्हें प्रेरित करने वाले गुरु भी। उनका समग्र सार्वजनिक जीवन बेदाग और निष्कलंक रहा है। वह एक राजर्षि की भांति हैं, जो सदैव समाज के उत्थान और देश के कल्याण के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित रहते हैं।

सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से दुनिया को कड़ा संदेश

क्या देशवासियों ने कभी कल्पना की थी कि अनुच्छेद-370 और धारा-35 ए की समाप्ति हो सकती है? 5 अगस्त 2019 को मोदी जी की दृढ़ इच्छाशक्ति से यह संभव हुआ और जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण से सही मायनों में 'एक देश, एक संविधान' की स्थापना हुई। आतंकवाद को लेकर पूर्ववर्ती सरकारें कोई निर्णायक फैसला नहीं ले पाती थीं, मगर मोदी जी ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से दुनिया को कड़ा संदेश देकर जताया कि भारत अब बदल गया है और अपनी सरहदों और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए वह कोई भी कदम उठा सकता है। इसका ही परिणाम है कि पिछले सात वर्षो के दौरान देश में आतंकी घटनाओं में भारी कमी आई है और देश शांति एवं समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ा है। लाल बहादुर शास्त्री जी के बाद मोदी जी एकमात्र ऐसे जननेता हैं, जिनके एक आह्वान पर पूरा देश एकजुट हो जाता है। कोरोना काल में उनके हर निर्देश पर जनता ने शत-प्रतिशत अमल किया। इससे हमें कोविड महामारी पर अंकुश लगाने में मदद मिली। उनके एक आह्वान पर समृद्ध लोगों ने सब्सिडी छोड़ दी। राष्ट्र सेवा के लिए पीएम केयर्स फंड को भर दिया। उनके आह्वान ने वैज्ञानिकों को देश में ही कोविड का टीका बनाने का मंत्र दे दिया। उन्होंने देशवासियों के मन से टीकाकरण को लेकर हिचक भी दूर की।

मोदी जी ने देश की सोच के स्तर को उठाया

2014 से पहले राजनीतिक दलों के घोषणापत्र जनता को छलने का काम करते थे, लेकिन मोदी जी के शासनकाल में भाजपा के चुनावी घोषणापत्र की प्रत्येक पंक्ति सरकार का कर्तव्य और लक्ष्य बनती गई। जनता समझ गई है कि भाजपा उससे कोई झूठे वादे नहीं करती। मोदी जी ने देश की सोच के स्तर को उठाया है। उन्होंने राजनीतिक कार्यसंस्कृति की काया ही पलट दी। भारतीय राजनीति को जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टीकरण के दानव से मोदी जी ने मुक्ति दिलाई है। उनके नेतृत्व में विकासवाद की विशिष्ट राजनीतिक संस्कृति स्थापित एवं प्रतिष्ठित हुई है, जिसने देश मे राजनीति की दशा-दिशा बदल दी है। परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए उन्होंने 'प्रगति' जैसी निर्णायक पहल की है। इससे कई दशकों से लंबित परियोजनाओं को गति मिलने के साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में मदद मिली है। इससे परियोजनाओं में देरी के कारण उनकी लागत में होने वाली वृद्धि पर भी अंकुश लगा है

मोदी जी का कण-कण देश को समर्पित

मोदी जी असाधारण वक्तृत्व कला, करिश्माई व्यक्तित्व, ईमानदार छवि, त्वरित निर्णय क्षमता, स्पष्ट दूरदृष्टि, अनुशासित जीवन, धैर्यशीलता, नेतृत्व कुशलता, विनम्रता और देश एवं नागरिकों के लिए कुछ भी कर गुजरने की प्रेरणा के पर्याय हैं। वह सार्वजनिक एवं राजनीतिक जीवन के अनुकरणीय अलंकार हैं। त्वरित निर्णय लेने की उनकी खूबी उन्हें अनिर्णय के शिकार अधिकांश नेताओं से अलग करती है। चाहे मेड इन इंडिया वैक्सीन की बात हो या मेडिकल आक्सीजन की या फिर सक्रिय विदेश नीति या आतंक के खिलाफ आवश्यक प्रहार, हम उनकी निर्णय क्षमता के कायल हैं। हाल में ओलिंपिक एवं पैरालिंपिक में मिली सफलता में भी उनके फैसलों की छाप दिखती है। मोदी जी का कण-कण और जीवन का क्षण-क्षण देश के गांव, गरीब, किसान, दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित, युवा एवं महिलाओं के कल्याण के लिए समर्पित है। कोरोना काल में लगातार दूसरे वर्ष 80 करोड़ लोगों को उन्होंने मुफ्त अनाज मुहैया कराया। 55 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत के तहत पांच लाख रुपये सालाना का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है। मामूली प्रीमियम पर जीवन बीमा और दुर्घटना बीमा मिल रहा है। देश के 12 करोड़ किसानों को सालाना 6,000 रुपये की राशि मिल रही है। हर गरीब को घर और उस घर में पानी, बिजली, गैस सिलिंडर और शौचालय मिल रहा है। उनके नेतृत्व में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेज टीकाकरण अभियान चल रहा है। देश में 75 करोड़ लोगों को टीके की खुराक इसका स्पष्ट प्रमाण है। पूरी दुनिया इसकी प्रशंसा कर रही है।

सबको साथ में लेकर चलने में यकीन रखते हैं पीएम मोदी

अपने जीवन का प्रत्येक दिन मोदी जी देश को समर्पित करने के उद्देश्य के साथ जीते हैं। इसके लिए वह योग से ऊर्जा लेते हैं। उनकी ऊर्जा और फिटनेस हम सभी को प्रेरित करती है। जनता से सीधे जुड़ाव के लिए ही उन्होंने mygov.com वेबसाइट शुरू की। 'मन की बात' कार्यक्रम के माध्यम से वह जनता से संवाद करते हैं और लोगों के अनुकरणीय कार्यो की सराहना भी करते हैं। उनकी सफलता का एक बड़ा रहस्य यह भी है कि वह कड़ी मेहनत करते हैं और सबको साथ में लेकर चलने में यकीन रखते हैं।

मोदी जी का लक्ष्य भारत को विश्व गुरु के पद पर प्रतिष्ठित करना

भाजपा मोदी जी के जन्मदिन को 'सेवा दिवस' के रूप में मनाती आई है। उनके नेतृत्व में भाजपा का मूल मंत्र-सेवा ही संगठन है। आज के दिन भी हमारे कार्यकर्ता देश के कोने-कोने में विभिन्न प्रकल्प चला रहे हैं। मोदी जी का एकमात्र लक्ष्य भारत को विश्व गुरु के पद पर प्रतिष्ठित करना है। हमें उनके इस लक्ष्य की पूर्ति में अपना योगदान देना चाहिए।


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