सम्पादकीय

राय: बगावत से लेकर वोटिंग तक—भारत के माओवादियों के लिए एक नया लोकतांत्रिक रास्ता

nidhi
4 Feb 2026 8:11 AM IST
राय: बगावत से लेकर वोटिंग तक—भारत के माओवादियों के लिए एक नया लोकतांत्रिक रास्ता
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भारत के माओवादियों के लिए एक नया लोकतांत्रिक रास्ता
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (माओवादी) को वर्ष 2025 में बड़ा झटका लगा, जब संगठन के चार सेंट्रल कमेटी मेंबर सहित बड़ी संख्या में कैडरों ने सरेंडर किया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इन सेंट्रल कमेटी मेंबरों के साथ कम से कम 11 स्टेट कमेटी मेंबर, 22 डिस्ट्रिक्ट और डिवीजन कमेटी मेंबर, कई स्क्वाड कमांडर और बड़ी संख्या में हथियारबंद कैडर ने आत्मसमर्पण किया। इस दौरान सरेंडर करने वाले माओवादियों की संख्या 450 से अधिक बताई गई है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सरेंडर के आधिकारिक आंकड़े इससे कहीं ज़्यादा हैं, जो करीब 2,000 तक पहुँचते हैं। माना जा रहा है कि लगातार चलाए गए सुरक्षा अभियानों, विकास योजनाओं और सरेंडर पॉलिसी के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते माओवादी संगठन की पकड़ कमजोर हुई है।
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