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- बस, कैसे भी लौट जाएं...

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। यही केंद्र सरकार का फिलहाल नंबर एक मिशन है लेकिन बिना कृषि बिल को वापिस लिए या रद्द किए। सरकार को 20 जनवरी तक हर हाल में दिल्ली-हरियाणा सीमा से किसानों की भीड़ खत्म करानी है। अन्यथा 26 जनवरी के जश्न में खलल का खतरा है। किसान 26 जनवरी या उससे पहले तक दिल्ली में ठुठरते रहे तो ब्रिटेन में सरदार-पंजाबी इतने है कि प्रधानमंत्री बॉरिस जानसन पर दबाव बनवा देंगे कि वे भारत नहीं जाए। सरकार के लिए आसान-सुलभ तरीका सुप्रीम कोर्ट की कमेटी की गाजर है। गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बनाने, उससे रास्ता निकलवाने तक कानून पर अमल रोकने का सरकार से भरोसा चाहा। किसान पैरोकार पी साईनाथ जैसे को कमेटी में रखने का सुझाव भी आया। मतलब ऐसी कमेटी जिससे लगे कि किसानों के हित की चिंता करने वाले विशेषज्ञों की कमेटी है, सरकार बिल पर अमल रोक रही है तो किसान लौट कर कमेटी के फैसले तक आंदोलन स्थगित रखे।





