सम्पादकीय

हिंदी की स्वीकार्यता बढ़ानी होगी

Gulabi
15 Sep 2021 4:13 AM GMT
हिंदी की स्वीकार्यता बढ़ानी होगी
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भाषा भावों और विचारों की संवाहक होती है

भाषा भावों और विचारों की संवाहक होती है। भाषा का स्वरूप निरंतर बदलता रहता है और यह सभी भाषाओं के बारे में कहा जा सकता है। हिंदी एक आधुनिक भारत की आर्य भाषा है जिसका जन्म संस्कृत भाषा से हुआ है। देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी भारत गणराज्य की राष्ट्रीय आधिकारिक भाषा है। वैश्विक स्तर पर वही भाषा टिक पाएगी जिसका शब्दकोश बड़ा हो, इस लिहाज से हिंदी का सौभाग्य रहा है कि भारत में अनेक विदेशियों ने आकर शासन किया, इन शासकों ने अपनी भाषा में दरबार चलाया और देश पर शासन किया। फलस्वरूप हिंदी भाषा शासकीय भाषाओं से प्रभावित हुई और उसका शब्द भंडार जो संस्कृत के प्रभाव से पहले ही अत्यधिक समृद्ध था, वह और भी संपन्न होता गया। हमें हिंदी को विश्व व्यापी भाषा बनाना है।

-रजनीश रांगड़ा, हमीरपुर
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