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- सीबीआई की सक्रियता

फाइल फोटो
जनता से रिश्ता वेबडेस्क | देश में अनियमितता के दो मामलों में सीबीआई की कार्रवाई चर्चा में है। जहां एक मामले में इस केंद्रीय जांच एजेंसी ने वीडियोकॉन समूह के अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत को आईसीआईसीआई ऋण मामले में गिरफ्तार किया है, तो वहीं दूसरे मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके कुछ परिजनों पर सीबीआई ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पहले बात वेणुगोपाल धूत से जुड़े मामले की। सीधे शब्दों में अगर समझाएं, तो धूत की कंपनी ने बैंक से ऋण लिया था और बदले में आईसीआईसीआई बैंक की तत्कालीन सीईओ चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को निवेश के जरिये आर्थिक लाभ दिया। 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण से जुडे़ इस मामले में चंदा कोचर को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है, अब धूत की गिरफ्तारी से उद्योग जगत के साथ-साथ बैंकिंग क्षेत्र में कड़ा संदेश जाएगा। अगर किसी भी प्रकार से रिश्वत देते हुए किसी ने ऋण प्राप्त किया है, तो वह सजा का भागी है।





