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- बीमारी की तरह नहीं...

सृजन पाल सिंह: अप्रैल की शुरुआत तक भारत कोरोना वायरस के खिलाफ अपनी लड़ाई को लेकर आश्वस्त था। कई विदेशी जानकारों ने भी बताया था कि कैसे सितंबर-अक्टूबर, 2020 की दूसरी लहर में भारत ने अपने आप को सुरक्षित रखा, मगर लगता है कि हमने चीन से निकले इस कोरोना वायरस की परिस्थितियों के अनुसार म्यूटेशन की क्षमता को नजरअंदाज कर दिया। ब्रिटिश स्ट्रेन और कैलिफोर्निया स्ट्रेन को मिलाकर डबल म्यूटेशन का जन्म हुआ और यही भारतीय म्यूटेंट है, जो देश को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। यह म्यूटेशन अब तक ज्ञात किसी भी म्यूटेशन से सबसे तेजी से फैलने वाला है। इसने हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की क्षमता, हमारे प्रशासन और कम समय में निर्णायक कदम उठाने के हमारे संकल्प की कड़ी परीक्षा ली है। आज भारत कोरोना वायरस से निपटने की एक मिसाल वाले देश से अब इसके गंभीर रूप का ज्वलंत उदाहरण बन गया है।





