सम्पादकीय

गुजरात के बाद क्या पूरे देश में धूम मचाने के लिए तैयार है केजरीवाल का दिल्ली मॉडल

Gulabi
2 March 2021 1:47 PM GMT
गुजरात के बाद क्या पूरे देश में धूम मचाने के लिए तैयार है केजरीवाल का दिल्ली मॉडल
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गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के दूसरे दौर के भी रिजल्ट मंगलवार सुबह से आ रहे हैं

गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के दूसरे दौर के भी रिजल्ट मंगलवार सुबह से आ रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार लगातार बढ़त बनाए हुए हैं, पर हैरान कर देने वाली सफलता आम आदमी पार्टी को मिल रही है. स्टोरी लिखी जाने तक AAP ने अब तक जिला पंचायत की 06 सीट, तहसील पंचायत की 18 सीट और नगरपालिका की 22 सीट मिलाकर कुल 46 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है. प्रधानमंत्री के इलाके वडनगर में भी एक सीट जीतकर आम आदमी पार्टी के हौसले बुलंद हैं. गुजरात के नगर निगम और नगर निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी की ये जीत इस मायने में बड़ी है क्यों कि गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का होम स्टेट है. और पूरे देश में गुजरात मॉडल को ही ध्यान में रखकर बीजेपी पूरे देश में अपना वर्चस्व कायम की है. बीजेपी की तरह क्या आम आदमी पार्टी के दिल्ली मॉडल ( Kejriwal's Delhi model) को लोग तवज्जो दे रहे हैं. क्या आम आदमी पार्टी दिल्ली मॉडल को पूरे देश में अपने हक में भुना सकेगी?

मुफ्त बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार की ब्रैंडिंग की आप ने
दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा मिल रही 200 यूनिट तक की मुफ्त बिजली और उसके बाद मिलने वाली सस्ती बिजली की चर्चा पूरे देश में है. दिल्ली के प्राथमिक स्कूलों में हुए सुधार का चर्चा तो विदेशों में भी है. विदेशी मेहमान भी भारत में आकर दिल्ली के स्कूलों में विजिट करना चाहते हैं. मेलानिया ट्रंप ने अपने संक्षिप्त दौरे के बीच दिल्ली के स्कूलों के लिए समय निकाला. केजरीवाल सरकार द्वारा कोरोना काल में किए गय़े कार्य को भी काफी सराहना मिली. आम आदमी पार्टी ने इसे टेलीविजन चैनलों और देश भर के अखबारों में इस तरह प्रचारित प्रसारित भी किया है आज पार्टी के कार्य उसकी ब्रैंड इमेज बना रहे हैं. मुफ्त बिजली और शिक्षा और स्वास्थ्य का सही जायजा लेना हो दिल्ली से सटे राज्यों के शहरों में बसे नागरिकों से कभी बात करिए. एनसीआर में बसे नागरिकों का दर्द यही होता है कि काश मैं दिल्ली में होता तो हर महीने भारी भरकम बिजली के बिल से हर महीने राहत रहती. कोरोना काल में मिलने वाली सुविधाओं ने भी आम नागरिकों को बहुत प्रभावित किया है. दिल्ली में हर कोरोना पेशेंट को आक्सीमीटर मुफ्त मिलता था और टेस्ट कराने और रिपोर्ट लेने में आसानी की कहानी एनसीआर के नागरिकों के लिए ताज्जुब की ही बात रही.
आम आदमी अपनी पार्टी ने अपनी बात जन-जन तक पहुंचाई
वरिष्ठ पत्रकार विनोद शर्मा का कहना है गुजरात में विपक्ष के रूप में कांग्रेस बिल्कुल निष्क्रिय हो चुकी है. जो लीडर कांग्रेस में है भी उन्हें अंदरूनी राजनीति के चलते इस्तेमाल नहीं किया गया. हार्दिक पटेल अच्छा कर सकते थे पर शायद उनसे इन चुनावों में उन्हें महत्व नहीं मिला. इस खाली जगह को भरने के लिए आम आदमी पार्टी पहले से ही तैयार है. दिल्ली में केजरीवाल सरकार द्वारा किए गए काम पार्टी की पहचान बन रहे हैं. आम आदमी पार्टी पूरी तैयारी के साथ हर छोटे-बड़े चुनाव में उतर रही है. पार्टी ने अपनी उपलब्धियों को आम जन तक पहुंचाने के लिए 12 महीने एक्टिव है जबकि इसके विपरीत कांग्रेस पार्टी चुनाव के वक्त भी सक्रिय नहीं दिखी. केंद्रीय नेतृ्त्व को लेकर भी आम लोगों में निराशा भाव है जो हर चुनाव में दिख रहा है.
कांग्रेस ही नहीं बीजेपी के लिए भी सरदर्द है आप
अभी जिस तरह आम आदमी पार्टी को सफलता मिल रही है उसे कांग्रेस के लिए अशुभ बताया जा रहा है. राजनीतिक पंडितों का मानना है कि आम आदमी पार्टी कांग्रेस का वोट बैंक खा रही है. पर आम आदमी पार्टी के एक नेता बोलते हैं नगर निगम के चुनावों में आम आदमी पार्टी को मिलने वाले 16 लाख वोट केवल कांग्रेस के ही नहीं है. अगर पिछलने चुनावों से तुलना किया जाए तो कांग्रेस को इस बार 9 लाख वोट मिले जो पिछले चुनावों में 11 लाख थे. इसके बाद जितने भी वोट मिले वो बीजेपी के ही हैं. दिल्ली का उदाहरण भी अगर सामने रखते हैं तो आम आदमी पार्टी का उत्थान भविष्य में दोनों पार्टियों के लिए चिंता का विषय है. हालांकि कांग्रेस के लिए तो खतरे की घंटी बज चुकी है.
केजरीवाल: राष्ट्रीय राजनीति के लिए अच्छा संकेत
देश की राजनीति में खुद को नरेंद्र मोदी के विकल्प के रूप में देखने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए ये एक शुभ संकेत है. 2014 के लोकसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल का वाराणसी से चुनाव लड़ना इसी रणनीति का एक हिस्सा था कि वो खुद को देश के सामने एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश कर सकें. लेकिन अब गुजरात नगर निगम चुनाव के नतीजे और नगर पालिका और नगर पंचायत तक में अच्छा प्रदर्शन उनके लिए नैशनल लेवल पर ऐक्सेप्टेंस का एक उदाहरण ही है. पार्टी इसके पहले गोवा और कश्मीर के निकाय चुनाव में भी सीट जीत चुकी है.


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