सम्पादकीय

खेल में 2021 प्रदेश के लिए खास रहा

Gulabi
31 Dec 2021 4:40 AM GMT
खेल में 2021 प्रदेश के लिए खास रहा
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हिमाचल प्रदेश क्रिकेट टीम ने इस वर्ष विजय हजारे ट्राफी के फाइनल में तमिलनाडु को हरा कर विजेता का खिताब
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट टीम ने इस वर्ष विजय हजारे ट्राफी के फाइनल में तमिलनाडु को हरा कर विजेता का खिताब हिमाचल प्रदेश के नाम कर लिया। राष्ट्रीय कुश्ती में जौनी चौधरी ने कांस्य पदक जीत कर पदक तालिका में हिमाचल प्रदेश का नाम लिख लिया। राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में भी इस वर्ष हिमाचल प्रदेश के चार युवा पहलवानों ने पदक विजेता प्रदर्शन किया है। मुक्केबाजी में राष्ट्रीय जूनियर व अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय स्तर पर हिमाचल प्रदेश के उभरते कुछ महिला व पुरुष मुक्केबाजों ने पदक विजेता प्रदर्शन किया है। तलवारबाजी सहित कुछ अन्य खेलों में भी हिमाचल प्रदेश के खिलाडि़यों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिमाचल के लिए पदक जीते हैं। कोरोना के बावजूद अधिकांश खेल संघों ने अपनी-अपनी जिला व राज्य स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित करवा ली हैं। विश्वविद्यालय की खेल परिषद ने खेल कैलेंडर जारी किया…
देश में मार्च 2020 से चल रहे कोरोना के कहर के चलते जहां सब कुछ अस्त-व्यस्त हो रहा है, महीनों शिक्षण संस्थान व सरकारी कार्यालय तक बंद रहे, ऐसे में खेल प्रशिक्षण व खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करवाना कठिन है। इस सबके बावजूद इस दशक का यह पहला वर्ष 2021 हिमाचल प्रदेश के खेल इतिहास में हमेशा खेल उत्थान के लिए याद किया जाएगा। कोरोना के कारण जो टोक्यो ओलंपिक जुलाई 2020 से शुरू होना था, वह इस वर्ष जुलाई-अगस्त में आयोजित किया गया। जालंधर में पले-पढ़े चंबा के वरुण कुमार ने टोक्यो में भारत की हाकी टीम से खेलते हुए कांस्य पदक देश की झोली में डलवाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऊना के निशाद कुमार ने पैरा ओलंपिक में देश के लिए ऊंची कूद में रजत पदक जीत कर भारत व हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया। सुंदरनगर के आशीष चौधरी ने मुक्केबाजी में भारत का प्रतिनिधित्व किया। हिमाचल प्रदेश सरकार ने ओलंपियन वरुण व निशाद के लिए सम्मानजनक नगद ईनाम तो दिया, मगर ओलंपिक में प्रतिनिधित्व करने वाले आशीष चौधरी की सुध तक नहीं ली, जबकि हरियाणा सहित सब राज्य ओलंपिक में भाग लेने वालों को भी नगद ईनाम देकर सम्मानित करते हैं। ओलंपिक खेलों में कठिन दौरों को क्वालिफाई कर भाग लेना भी आसान नहीं है। इसलिए कहते हैं कि ओलंपिक खेलों में भाग लेना भी अपने आप में बहुत बड़ी बात होती है।
ऊना के द्रोणाचार्य अवार्डी जुडो प्रशिक्षक जीवन शर्मा ने प्रशिक्षक व डॉक्टर कर्ण ने मुक्केबाजी टीम के खेल चिकित्सक के रूप में ओलंपिक में हाजिरी लगाई। वायुसेना में हमीरपुर के विकास ठाकुर ने राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन प्रतियोगिता ताशकंद में देश के लिए कांस्य पदक जीता। विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में हमीरपुर के राजेंद्र कुमार शर्मा ने प्रशिक्षक व प्रबंधक की भूमिका निभाते हुए स्वर्णिम सफलता दिलाई। इस वर्ष खेल क्षेत्र में देश की सबसे ऊंची भारत के खेल मंत्री की कुर्सी पर इस बर्फ के प्रदेश का बेटा अनुराग ठाकुर विराजमान है, जो देश के साथ-साथ अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश की खेलों में उत्थान के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं। हिमाचल प्रदेश में इस सदी के शुरू में बनी खेल नीति में और अधिक सुधार कर इस वर्ष हिमाचल प्रदेश के लिए नई खेल नीति तैयार है जो जल्दी ही लागू हो जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना के चलते बहुत कम खेल प्रतियोगिताएं आयोजित हो पाई हैं। इस सबके बावजूद हिमाचल प्रदेश के खिलाडि़यों ने विभिन्न खेलों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। सेना में कांगड़ा के अंकेश चौधरी ने राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता की आठ सौ मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता है। पिछले कुछ वर्षों से रजत पदक से संतोष कर रही हिमाचल प्रदेश महिला हैंडबाल टीम ने अपनी प्रशिक्षक स्नेहलता की देखरेख में इस वर्ष स्वर्ण पदक विजेता होने का सपना पूरा कर लिया। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट टीम ने इस वर्ष विजय हजारे ट्राफी के फाइनल में तमिलनाडु को हरा कर विजेता का खिताब हिमाचल प्रदेश के नाम कर लिया।
राष्ट्रीय कुश्ती में जौनी चौधरी ने कांस्य पदक जीत कर पदक तालिका में हिमाचल प्रदेश का नाम लिख लिया। राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में भी इस वर्ष हिमाचल प्रदेश के चार युवा पहलवानों ने पदक विजेता प्रदर्शन किया है। मुक्केबाजी में राष्ट्रीय जूनियर व अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय स्तर पर हिमाचल प्रदेश के उभरते कुछ महिला व पुरुष मुक्केबाजों ने पदक विजेता प्रदर्शन किया है। तलवारबाजी सहित कुछ अन्य खेलों में भी हिमाचल प्रदेश के खिलाडि़यों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिमाचल के लिए पदक जीते हैं। कोरोना के बावजूद अधिकाशं खेल संघों ने अपनी-अपनी जिला व राज्य स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित करवा ली हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की खेल परिषद ने खेल कैलेंडर तो जारी कर दिया, मगर अंतर कालेज खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए कालेज प्रशासन का रवैया अधिकतर जगह नकारात्मक ही रहा है। स्कूली खेल संघ अपनी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करवाने में इस वर्ष भी नाकाम रहा। हिमाचल प्रदेश के लिए एक उपलब्धि यह भी रही है कि देश के सबसे अमीर खेल संघ भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के कोषाध्यक्ष पद पर हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अरुण धूमल चयनित हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ ने अपने चुनाव करवा कर निर्विरोध पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर को कमान सौंप दी। राजेश भंडारी लगातार तीसरी बार फिर संघ के महासचिव बन गए। जहां यह वर्ष हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ी व बहुत अच्छे खेल प्रबंधक व प्रशासक देने में कामयाब रहा, वहीं पर हिमाचल प्रदेश की खेलों के भविष्य को नई आश देते अलविदा कहता है। नए साल में चुनौती यह रहेगी कि पिछले साल से ज्यादा खेल आयोजन हों। इसके अतिरिक्त नई खेल नीति पर कार्यान्वयन भी नए साल के एजेंडे में रहेगा।
भूपिंद्र सिंह
अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रशिक्षक
ईमेलः [email protected]
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