जरा हटके

बचपन से था अमीर की बीवी बनने का सपना, ऐसे पूरा किया ख्‍वाब

Manish Sahu
20 Sept 2023 4:59 PM IST
बचपन से था अमीर की बीवी बनने का सपना, ऐसे पूरा किया ख्‍वाब
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जरा हटके: अमीर हसबैंड हर मह‍िला की ख्‍वाह‍िश होती है, ताकि वह अपने शौक पूरे कर सके. लेकिन अमेरिका की रहने वाली इजी अनाया ने 7 साल की उम्र में ही तय कर लिया था कि वह अमीर की बीबी बनना चाहती हैं. यह उनका सपना था. उम्र बढ़ने के साथ वह इस ख्‍वाब को पूरा करने के तरीके तलाशने लगीं और आज वह एक अमीर शख्‍स की बीवी हैं. आलीशान जिंदगी जीती हैं. जिम जाने से पहले हर सुबह अपने बच्चों को अपनी जीप रैंगलर रूबिकॉन में स्कूल छोड़ती हैं. महंगे कपड़ों की खरीदारी करती हैं और रोजान खुद शानदार लंच पर जाती हैं. हाल ही में उन्‍होंने निजी जिंदगी के कई राज खेले.
ब्रुकलिन की रहने वाली अनाया अब 43 साल की हो चुकी हैं. कैटर्स न्यूज से बातचीत में अनाया ने कहा, मेरी लाइफस्‍टाइल बिल्‍कुल वैसी है, जिसका सपना मैंने 7 साल की उम्र में देखा था. बचपन में जब मैं फैंसी मह‍िलाओं को देखती थी तो मुझे लगता था कि एक न एक दिन इनकी तरह ही बनना है. ऐसी ही आलीशान जिंदगी जीनी है. 33 साल की उम्र में उसने यह ख्‍वाब पूरा किया और सपने को हकीकत में बदल दिया.
न्‍यूयॉर्क पोस्‍ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अनाया ने एक अमीर आदमी को “शुगर डैडी” बनाया. यूरोपीय और अमेरिकी देशों में डेटिंग का यह नया कांसेप्‍ट है. अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए कॉलेज गोइंग गर्ल्स रईसजादों या अमीरों को डेट करती हैं. बदले में उन्हें पैसे और गिफ्ट्स मिलते हैं, जिनसे वे अपने शौक पूरे करती हैं. लेकिन अनाया के मामले में कहानी थोड़ी अलग है. अनाया ने बताया, मैं और मेरे शुगर डैडी 10 साल पहले ऑनलाइन मिले थे. हमने करीब छह महीने तक डेट किया और फिर हमारी सगाई हो गई और छह महीने बाद हमने शादी कर ली. आज मैं शानदार जिंदगी जी रही हूं.
अनाया ने टिकटॉक पर अपनी कहानी बयां की. उन्‍होंने कहा, मैं सुबह उठती हूं. अपने बच्चों को स्कूल ले जाती हूं. फ‍िर जिम जाती हूं. अगर मुझे कुछ पसंद आ गया तो मैं उसे खरीदती हूं. चाहे वह कितना ही महंगा क्‍यों न हो. मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्‍योंकि हमारे पास पैसों की कोई कमी नहीं. हर वीकेंड हम पेरिस जैसी जगहों पर बिताते हैं. लेकिन मैं जन्‍म से अमीर नहीं थी. गरीब पर‍िवार में पैदा हुई. फ‍िर कारपोरेट जगत के कुछ लोगों का साथ मिला और मैं तरक्‍की की सीढ़ियां चढ़ती चली गई. इसके लिए मुझे अपने दोस्‍तों से दूरी बनानी पड़ी. मैं मैनहट्टन चली गई और मैंने कॉर्पोरेट जगत में काम करना शुरू कर दिया. चैरिटी कार्यक्रमों और अन्य कार्यक्रमों में जाने लगी. जहां ऐसे लोग होते थे जिनके साथ मैं जाना चाहती थी. फ‍िर मैं एक शख्‍स से मिली और उसे शुगर डैडी बना लिया. अनाया कहती हैं कि अपने आप को उस दुनिया में रखें जहां आप रहना चाहते हैं और यकीन मानें कि आप वहीं रहेंगे.
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