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भेड़ चराने वाले शख्स को खेत में अजीबोगरीब पत्थर, करोड़ों रुपये में खरीदने को तैयार वैज्ञानिक

Chandravati Verma
19 May 2021 9:51 AM GMT
भेड़ चराने वाले शख्स को खेत में अजीबोगरीब पत्थर, करोड़ों रुपये में खरीदने को तैयार वैज्ञानिक
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शख्स को खेत में एक अजीबोगरीब पत्थर मिला

आपने इन दिनों सोशल मीडिया या मीडिया रिपोर्ट्स में पढ़ा होगा कि एक भेड़ चराने वाले शख्स को खेत में एक अजीबोगरीब पत्थर मिला, जिसकी कीमत करोड़ो रुपये आंकी गई. ऐसा पहली बार नहीं है, क्योंकि पहले भी इस तरह की रिपोर्ट्स आ चुकी हैं, जिसमें बताया जाता है कि खेत में मिले पत्थर से किसान मालामाल हो गया. लेकिन, कभी आपने सोचा है कि आखिर उन पत्थर में क्या खास होता है और वो क्यों इतने महंगे होते हैं.

दरअसल, फरवरी में लंदन के गांव में भेड़ चराने वाले शख्स को खेत में दो पत्थर मिले. इससे पहले आकाश से ये खेत में गिरा था, जिसके बाद कई वैज्ञानिक भी उसकी खोज में उस गांव में पहुंचे थे. इसके बाद इन पत्थर के बदले भेड़ चराने वाले शख्स को एक करोड़ रुपये भी ऑफर किए गए, हालांकि उसने यह लेने से मना कर दिया. ये पत्थर इतने खास थे कि उन्हें अब अगले हफ्ते नेशनल हिस्ट्री म्यूजियम में रखा जाएगा.
आसमान से ऐसा क्या गिरा था?
दरअसल, आसमान से जो पत्थर जैसे टुकड़े गिरे थे, वो उल्कापिंड थे. वहीं, लंदन में गिरे इन पत्थर का नाम Winchcombe Meteorite है. ये फरवरी के महीने में गिरे थे और अब इसे म्यूजियम रखा जाएगा. साथ ही इसकी कीमत भी काफी ज्यादा आंकी जा रही है और इसी वजह से उस शख्स को भी इनके बदले एक करोड़ रुपये दिए जा रहे थे. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक तकरीबन 4 बिलियन साल पुराने इन उल्कापिंड के टुकड़ों की मदद द्वारा इस रहस्य से पर्दा उठाया जा सकता है कि अंतरिक्ष में जीवन की कितनी संभावना है.
बता दें कि इस स्पेस रॉक का नाम 'Winchcombe meteorite' रखा गया है. ये काफी दुर्लभ किस्म का उल्कापिंड है. इसे कार्बनेशियस कोंड्राईट का एक प्रकार कहा जा रहा है. एक अन्य जानकारी के मुताबिक बताया ये भी जा रहा है कि बीते 30 सालों में यूके में मिला ये पहला पत्थर है. आसमान से नारंगी और हरे रंग के आग के गोले की तरह गिरता ये उल्कापिंड सिक्युरिटी कैमरे में कैद हुआ था.
क्यों इतने महंगे होते हैं उल्कापिंड?
दरअसल, आसमान से गिरने वाला उल्कापिंड एक तरह का ठोस टुकड़ा होता है, जो अंतरिक्ष में धूमकेतु आदि से टूटकर नीचे गिर जाता है. यह किसी और सतह पर आने के बजाय वायुमंडल से नीचे आ जाता है. कई बार आप देखते होंगे कि कुछ जलती हुई चीज नहीं गिर जाती है, जिसे कई लोग टूटता हुआ तारा भी कहते हैं. ये वैसे कोई तारे नहीं होते हैं, बल्कि उल्कापिंड होते हैं और वो किसी के घर में गिर जाते हैं तो उसे बेच देते हैं.
इसमें स्टोनी, आयरन और स्टोनी-आयरन कैटेगरी में बांटा गया है. इनमें कई सबग्रुप भी होते हैं. Stony meteorites कई तत्व से बने होते हैं, जिसमें सिलिकॉन या ऑक्सीजन जैसे पदार्थ होते हैं. इसके अलावा इनमें निकेल और आयरन भी होता है. Iron Meteorites में सिर्फ आयरन और निकेल होता है. Stony-Iron Meteorites में मेटल के साथ कई और तत्व भी होते हैं. इनपर वैज्ञानिक काफी शौक से रिसर्च करते हैं और यह काफी महंगे बिकते हैं.
जलते हुए क्यों दिखाई देते हैं?
दरअसल, जब उल्कापिंड पृथ्वी के वायुमंडल में आते हैं तो रिएक्शन की वजह से जलने लग जाते हैं और जलते हुए नीचे गिर जाते हैं. इस वजह से ही यह जलते हुए दिखाई देते हैं. कई बार ये बिना जले हुए भी धरती पर गिर जाते हैं और हर उल्कापिंड की अलग कीमत होती है. बिना जले नीचे गिरने वाले उल्कापिंड meteorites होते हैं. इसमें अलग अलग खनिज तत्व होते हैं.


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