जरा हटके

बंदरों की पार्टी: थाइलैंड में मंकी बफे फेस्टिवल की शुरुआत, परोसी जाएंगी लाखों रुपये की फल-सब्‍ज‍ियां

Rani Sahu
29 Nov 2021 4:29 PM GMT
बंदरों की पार्टी: थाइलैंड में मंकी बफे फेस्टिवल की शुरुआत, परोसी जाएंगी लाखों रुपये की फल-सब्‍ज‍ियां
x
थाईलैंड में एक राज्‍य है लोपबरी. इसे बंदरों का प्रांत भी कहा जाता है

थाईलैंड में एक राज्‍य है लोपबरी. इसे बंदरों का प्रांत भी कहा जाता है. यहां इन दिनों में मंकी बफे फेस्टिवल मनाया जा रहा है. यह फेस्टिवल पूरी तरह से बंदरों को समर्पित है. दुनियाभर से सैलानी खासतौर पर इस फेस्टिवल को देखने थाइलैंड पहुंचते हैं. यूं तो यह फेस्टिवल हर साल मनाया जाता है, लेकिन पिछले दो सालों से कोरोना महामारी के कारण इस पर रोक लगा दी गई थी, जिसे अब वापस शुरू कर दिया गया है.

इस फेस्टिवल में हर साल बंदरों को लाखों रुपये की फल और सब्‍ज‍ियां परोसी जाती हैं. इस साल इन्‍हें करीब 2 टन फल-सब्‍ज‍ियां खाने को दी गईं. हर साल मनाए जाने वाले इस फेस्‍ट‍िवल की वजह है पर्यटक. सैलानियों को आकर्षित करने और बंदरों को धन्‍यवाद अदा करने के लिए मंकी बफे फेस्टिवल सेलिब्रेट किया जाता है. इस साल बंदरों की पार्टी में करीब 2.25 लाख रुपये का खर्च आया है.
यहां बंदरों को खाने में सेब, केला, ड्यूरियन और अनानास जैसे फल खाने को दिए जाते हैं. खाने का सामान रखते ही बंदरों की भीड़ लग जाती है. बंदरों को खाना बेहद सम्‍मान के साथ दिया जाता है. इनके लिए प्‍लेट में खाने को व्‍यवस्‍थि‍त करके रखा जाता है. खास बात है कि बंदर यहां मौजूद किसी पर्यटक को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं. इसे देखने के लिए सैकड़ों टूरिस्‍ट यहां पहुंचते हैं.
थाइलैंड में यह फेस्टिवल देखने के लिए खासतौर पर नवंबर में 1 लाख पर्यटक पहुंचे हैं. जो साबित करता कि पर्यटकों के बीच इसके प्रति कितना उत्‍साह है. पिछले 10 महीने में सबसे ज्‍यादा टूरिस्‍ट यहां पहुंचे हैं. मोरक्‍को से आए अयूब बाउखारी कहते हैं, मैं यहां पहुंचकर काफी खुश हूं और मैं अगले साल भी इस फेस्‍टि‍वल में आना चाहूंगा.
मंकी बफे फेस्टिवल के लिए लोपबरी के फ्रा प्रेंग सैम योद मंद‍िर के बाहर बंदर इंकट्ठा होते हैं. यही इनके लिए खास पार्टी का आयोजन किया जाता है. इस साल बंदरों के लिए खासतौर ड़यूरियन फल का भी इंतजाम किया गया था. कटहल की तरह दिखने वाले ड्यूरियन फल की थाइलैंड और इंडोनेश‍िया में काफी पैदावार होती है. इसे बंदर बेहद चाव से खाते हैं.
Next Story