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जानें क्या होता है Digital Signature Certificates?

Gulabi
9 Jun 2021 3:22 PM GMT
जानें क्या होता है Digital Signature Certificates?
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Digital Signature Certificates

Digital Signature Certificates : आजकल के डिजिटल लाइफ में फिजिकल चीजें दूर होती जा रही हैं. कई ऑफिशियल कामों में अब आपके सिग्नेचर भी डिजिटल होंगे. इसके लिए आपको क्या करना है. और कैसे डिजिटल सिग्नेचर (Digital Signature) करना है; इसकी विस्तृत रूप में हम जानकारी दे रहे हैं.


क्या है डिजिटल सिग्नेचर (Digital Signature)?
डिजिटल सिग्नेचर (Digital Signature) किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर का इलेक्ट्रानिक रूप है. इसका इस्तेमाल किसी दस्तावेज को प्रमाणित करने के लिए किया जा सकता है. ये सर्टिफिकेट कंट्रोलर ऑफ सर्टिफाइंग अथॉरिटीज (सीसीए) द्वारा स्वीकृत सर्टिफाइंग अथारिटी जारी करती है. डिजिटल सर्टिफिकेट 'यूएसबी टोकन' के रूप में आता है और आमतौर पर एक या दो साल के लिए वैध रहता है. वैधता समाप्त होने पर इसे रिन्यू कराया जा सकता है.

डिजिटल सिग्नेचर तीन वर्गो में उपलब्ध है - क्लास 1, क्लास 2 और क्लास 3.
क्लास 1 - ये व्यक्तिगत या निजी उपयोग के लिए जारी किया जाता है. इसका इस्तेमाल कम मूल्य के लेनदेन में होता है. इसमें पहचान के सबूत की जरूरत नहीं.
क्लास 2 - इस डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल विभिन्न सरकारी संस्थानों में दस्तावेज फाइल करने के लिए किया जाता है. जैसे आयकर विभाग, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय आदि. आयकर रिटर्न के लिए इस सिग्नेचर का ही इस्तेमाल किया जाता है.
क्लास 3 - इसका इस्तेमाल रेलवे, बैंक, सड़क परिवाहन प्राधिकरण, बिजली बोर्ड जैसे सरकारी विभागों ई-नीलामी या ई-टेंडरिंग के लिए किया जाता है.

डिजिटल सिग्नेचर को कैसे रजिस्टर करें -
डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट को आयकर विभाग की वेबसाइट पर रजिस्टर करना होता है. सही आदमी की पहचान सुनिश्चित करने के लिए ऐसा जरूरी है. डिजिटल सिग्नेचर को इस तरह रजिस्टर किया जा सकता है -

स्टेप 1 - www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाइए और रजिस्टर्ड पैन तथा पासवर्ड से लॉगइन कीजिए.
स्टेप 2 - लॉग-इन करने के बाद मेन मीनू से प्रोफाइल सेटिंग्स में जाइए और फिर रजिस्टर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट पर क्लिक कीजिए.
स्टेप 3 - लैंडिंग पेज पर दिए गए लिंक से डीएससी मैनेजमेंट यूटीलिटी को डाउनलोड कीजिए. जिप फोल्डर से अलग करके डीएससी मैनेजमेंट यूटीलिटी को ओपेन कीजिए.
स्टेप 4 - डीएससी मैनेजमेंट यूटीलिटी में डिजिटल सिग्नेटर का इस्तेमाल करते हुए दूसरे टैब 'रजिस्टर/रिसेट पासवर्ड' में जाइए.
स्टेप 5 - कम्प्यूटर/लैपटॉप के यूएसबी पोर्ट में डीएससी यूएसबी टोकन लगाइए.
स्टेप 6 - ई-फाइलिंग में पंजीकृत यूजर आईडी और पैन नंबर इंटर कीजिए.
स्टेप 7 - डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के प्रकार को चुनिए और सिग्नेचर फाइल जनरेट कीजिए.
स्टेप 8 - ई-फाइलिंग पोर्टल में दोबारा जाइए और रजिस्टर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के पेज पर स्टेप 7 में जनरेट की गई सिग्नेचर फाइल अटैच कीजिए. अब इसे सब्मिट कर दीजिए.

डीएससी का रजिस्ट्रेशन होने पर एक कन्फर्मेशन ईमेल आपके पंजीकृत ईमेल आईडी पर भेजी जाएगी.

डिजिटल सिग्नेचर के साथ आयकर रिटर्न के वैरीफिकेशन के प्रक्रिया का यह पहला हिस्सा था. एक बार पंजीकरण हो जाने के बाद अगला कदम है आईटीआर को वैरीफाई करना. वैरीफाई करने के स्टेप ये हैं -

स्टेप 1 - ई-फाइलिंग पोर्टल से नवीनतम डीएससी मैनेजमेंट यूटीलिटी को डाउनलोड कीजिए। जिप फोल्डर से अलग कर यूटीलिटी को ओपन कीजिए.
स्टेप 2 - तीसरे टैब अपलोड एक्सएमएल को सेलेक्ट कीजिए और एक्सेल या जावा रिटर्न फाइलिंग यूटीलिटी से जनरेट की गई एक्सएमएल फाइल को ब्राउज कीजिए. यदि रिटर्न ऑनलाइन ई-फाइलिंग एकाउंट से तैयार किया जा रहा है, तो चौथे टैब 'सब्मिट आईटीआर/फार्म ऑनलाइन' का उपयोग कीजिए.
स्टेप 3 - डीएससी (यूएसबी टोकन) के प्रकार को चुनिए और सिग्नेचर फाइल को जनरेट कीजिए.
स्टेप 4 - ई-फाइलिंग वेबसाइट पर दोबारा जाइए. आईटीआर एक्सएमएल फाइल को अपलोट करते समय डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के रेडियो बटन को चुनिए.
स्टेप 5 - ई-फाइलिंग के समय एक्सएमएल फाइल के साथ सिग्नेचर को अपलोड कीजिए


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