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पृथ्वी की चमक हुई कम, जानिए क्या है वजह

Gulabi
2 Oct 2021 10:14 AM GMT
पृथ्वी की चमक हुई कम, जानिए क्या है वजह
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जलवायु परिवर्तन (Climate Change) पृथ्वी में बहुत साले बदलाव ला रहा है

जलवायु परिवर्तन (Climate Change) पृथ्वी में बहुत साले बदलाव ला रहा है. इनमें से एक उसकी चमक (Brightness of Earth) का कम होना भी है. एक अध्ययन में पाया गया है कि पृथ्वी की चमक पहले की तुलना में कम हो गई है. और अब हमारी पृथ्वी बीस साल पहले की तुलन में आधा वॉट प्रति वर्गमीटर कम प्रकाश प्रतिबिम्बित कर रही है. इसका मतलब यह है कि इतनी मात्रा की प्रकाश ऊर्जा पृथ्वी पर ही रुक रही है जो वैश्विक गर्मी (Global Warming) में और वृद्धि करने का कारण बन रहा है. इस अध्ययन में बताया गया है कि ऐसा महासागरों के गर्म होते पानी की वजह से हो रहा है.

पृथ्वी (Earth) की चमक के दशकों के आंकड़ों पर किए गया यह शोध जियोफिजिकल रिसर्च लैटर्स में प्रकाशित हुआ है. यह चमक पृथ्वी से प्रतिबिम्बित वह रोशनी है जो चंद्रमा (Moon) की सतह पर दिखाई देती है. शोधकर्ताओं ने सैटेलाइट मापनों का भी विश्लेषणकिया और पाया कि पिछले दो दशकों में पृथ्वी के परावर्तन (Reflectance) में काफी गिरावट हुई है. शोधकर्ताओं ने पाया कि बीस साल पहले पृथ्वी की जो चमक थी उसमें अब आधा वॉट प्रति वर्गमीटर की गिरावट आई है, लेकिन इसमें से ज्यादातर गिरावट पिछले तीन सालों में आई है.
शोधकर्ताओं का कहना है कि पृथ्वी (Earth) का परावर्तन (Reflectance) में गिरावट 0.5 प्रतिशत की है. वहीं पृथ्वी सूर्य से आने वाली रोशनी का 30 प्रतिशत हिस्सा उसी चमक के रूप में प्रतिबिम्बित करती है. इस अध्ययन के प्रमुख लेखक और न्यूजर्सी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ता फिलिप गूडे ने बताया कि इस चमक धवलता (albedo) में गिरावट ने वैज्ञानकों को चौंकाया जब वे पिछले तीन साल के चमक का अध्ययन कर रहे थे जो उससे पहले के 17 सालों में लगातार ही सपाट दिखती रही थी.
पृथ्वी की चमक,
शोधकर्ताओं ने दक्षिण कैलिफिर्निया की बिग बियर सोलर वेधशाला से पृथ्वी की चमक (Brightness of Earth) के 1998 से 2017 तक के आंकड़ों को जमा कर अध्ययन किया. जब उन्होंने ताजा आंकड़ों को जोड़ा तब उन्होंने पाया कि चमक के फीके (Dimming) होने का चलन स्पष्ट हो गया है. शोधकर्ताओं का कहना है कि पृथ्वी पर पहुंचने वाली असल रोशनी (Net Sunlight) को सूर्य की खुद की चमक और दूसरा ग्रह का परावर्नत (Reflectance) प्रभावित करती हैं.
नासा के क्लाउड्स एंड द अर्थ्स रेडिएंट एनर्जी सिस्मटम (CERES) प्रोजेक्ट के द्वारा किए सैटेलाइट मापन के आंकड़ों से शोधकर्ताओं का पता चला है कि हाल के सालों में पूर्वी प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) के ऊपर स्थित प्ररावर्तन करने वाले निचले चमकीले बादलों में कमी आई है. यह वही क्षेत्र है जहां समुद्र की सतह (Sea Surface Temperature) के तापमान में वृद्धि रिकॉर्ड की गई है. शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसे वैश्विक जलवायु परिवर्तन के कारण इस इलाके में हुए जलवायु स्थितियो में पूरी तह बदलाव हुआ है. पृथ्वी की चमक का फीका होना पृथ्वी की जलवायु तंत्र के कितनी ज्यादा सौरऊर्जा को अवशोषित करता है, इससे भी देखा जा सकता है.
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