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दान दी किडनी, दूसरे की बचाई जान, घर पहुंच गया 10 लाख का हॉस्पिटल बिल

Gulabi
16 Feb 2022 8:28 PM IST
दान दी किडनी, दूसरे की बचाई जान, घर पहुंच गया 10 लाख का हॉस्पिटल बिल
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घर पहुंच गया 10 लाख का हॉस्पिटल बिल
Organ Donor Gets Huge Hospital Bill : दुनिया में हर तरह की समस्या का इंसान कुछ न कुछ समाधान ढूंढ लेता है लेकिन मेडिकल एमरजेंसी मानो बेबस कर देती है. खास तौर पर अगर किसी को ऑर्गन डोनर (Organ Donor) चाहिए तो उसे ढूंढना भगवान को ढूंढने जैसा हो जाता है. अमेरिका (United States News) के एक शख्स के किसी के लिए भगवान बनकर ही उसे किडनी डोनेट (Kidney Donation) की. अब अगले शख्स की ज़िंदगी तो संवर गई लेकिन खुद उसे जो बदले में मिला, वो चौंकाने वाला था.
अमेरिका में रहने वाले इलियट मैलिन (Elliot Malin) ने अपने रिश्तेदार के लिए किडनी डोनेट की है. उन्होंने काफी सोचने-समझने के बाद ये फैसला तब लिया, जब उनके पीड़ित रिश्तेदार को कोई भी ऑर्गन डनर नहीं मिला. इस ऑपरेशन ने उनके रिश्तेदार को तो ज़िंदगी दे दी, लेकिन हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद उन्हें किडनी डोनेट करने के ऑपरेशन समेत रिकवरी का भी बिल थमा दिया गया.
बिल न भरने पर मिली कुर्की की धमकी
28 साल के स्कॉट क्लाइन को इलियट मैलिन (Elliot Malin) ने अपनी किडनी दान की थी. उनकी सर्जरी साल 2021 के जुलाई महीने में हुई थी. टेक्सस के Baylor Scott & White All Saints Medical Center में सर्जरी के बाद स्कॉट और इलियट दोनों ही स्वस्थ थे. सब कुठ ठीक-ठाक था कि इसी बीच मैलिन को भारी-भरकम मेडिकल बिल मिल गया, जिसमें उनके किडनी डोनेशन के अलावा स्कॉट क्लाइट की भी रिकवरी का खर्च जोड़कर बताया गया था. ये मेडिकल बिल $13,064 यानि भारतीय मुद्रा में करीब 10 लाख रुपये का था. बिल एनेस्थिसिया प्रोवाइड करने वाली कंपनी की ओर से दिया गया था, जिसे न भरने की सूरत में इसे किसी भी तरह वसूलने की धमकी भी दी गई थी.
ऑर्गन डोनर से नहीं लिए जाते पैसे
नियम के मुताबिक जो भी शख्स किसी को अपना अंग डोनेट करता है, उससे किसी भी तरह का मेडिकल बिल नहीं लिया जाता. इस खर्च को अंग रिसीव करने वाली पार्टी की ओर से कवर किया जाता है. ऐसे में मैलिन को मिला 10 लाख बिल दरअसल बिलिंग की गलती है. जब कंपनी को अपनी गलती का एहसास हुआ, तो उन्होंने बाकायदा माफी वाला मेल मैलिन को भेजा. मेल में कहा गया था कि कंपनी की वजह से मैलिन को हुई असुविधा के लिए वे माफी मांगते हैं और तब जाकर मामला रफा-दफा हुआ.
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